योग के क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं पटना की स्मिता, गोलघर में लेती हैं फ्री क्लासेज

पटना : कहते हैं कि योग से काया रहेगी निरोग. ये बस एक अवधारणा ही नहीं है, बल्कि इसे चरितार्थ भी किया जा रहा है. योग को घर-घर तक पहुंचाने के लिए पटना के मंदिरी की रहने वाली स्मिता रानी कृतसंकल्पित हैं. वह लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ रहने का फार्मूला बता रही हैं.

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सूरज की किरणों और चिड़ियों की चहचहाहट के साथ ही पटना के गोलघर परिसर में वयोवृद्ध से लेकर टीनएजर्स की भीड़ शुरू हो जाती है. बीमारियों से परेशान और स्वस्थ होने की उम्मीद न चाहते हुए भी लोगों को यहां तक खीच लाती हैं. दरअसल स्वस्थ रहना हर किसी की चाहत होती है और अगर स्वस्थ रहने का फार्मूला देशी और निशुल्क हो, तो क्यों न इसका फायदा लिया जाये.

सुबह पांच बजते-बजते लोग परिसर में जमा हो जाते हैं और फिर सजती है योग की कक्षा. करीब दो घंटे तक सभी योग करते हैं. स्मिता ने लाइव सिटीज को बताया कि योग एक विज्ञान है, जिससे शरीर को स्वस्थ्य रखा जा सकता है. योग केवल व्यायाम नहीं है, शरीर को व्यवस्थित करने की क्रिया है. योग के जनक महर्षि पतंजलि हैं, योग के लिए 800 से अधिक क्रियाएं हैं. कोई भी आसन करें, अपने मन की स्थिति को पूर्ण कर करें. गलत तरीके से किए गए आसन से आपके शरीर को क्षति पहुंच सकती है.

3 महीनों से गोल घर परिसर में नियमित रूप से लोगों की काया को स्वस्थ करने में लगी स्मिता ने पहले नाला रोड स्थित पतंजलि में टीचर की ट्रेनिंग ली. उसके बाद फिर उन्होंने हरिद्वार जाकर मुख्य टीचर की ट्रेनिंग ली. इसके अलावा उन्होंने ओबेसिटी कैंप में मोटापा काम करने के लिए भी प्रशिक्षण लिया. तब से वह रोज 2 घंटे लोगों को निशुल्क योग सिखा रही हैं.

स्मिता बताती हैं कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें यह बताया गया है कि खुद सीखने के बाद अपने आसपास के लोगों को भी इसे सिखाओ और उनसे कहो कि वे दूसरे लोगों को भी इसी सिखाएं. उनके तीन माह के प्रयास में ही आज उनके कैंप में 50 से 60 लोग आने लगे हैं. योग के लिए वहां दो माह से आ रहीं सुशीला देवी कहती हैं कि उन्हें गैस की प्रॉब्लम थी. काफी इलाज के बाद भी वह ठीक नहीं हो पायी. तब उन्होंने योग का सहारा लिया. अब मुझे फायदा भी मिल रहा है. सच में योग एक रामबाण है.

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