बीत रहा रमजान, अब ईद की तैयारी में बाज़ार हो रहा गुलज़ार

लाइव सिटीज डेस्क/पटना : रहमतों व बरकतों का माह-ए-रमजान बीत रहा है. नमाज तिलावत और इबादत के साथ अब लोग ईद की खरीदारी के लिए बाजारों का रुख भी कर रहे हैं. शहर में ईद के बाजार सजने लगे हैं. खासकर शहर के चुनौती कुआँ से महतवाना, चौराहा, सदर बाजार से लेकर टमटम पड़ाव में लगी स्थाई और अस्थाई दुकानों की रौनक बढ़ चुकी हैं. यहां पर शाम से देर रात तक खरीदारों की भीड़ दिखाई देने लगी है. इसके अतिरिक्त नया टोला, कर्बला रोड, ईसापुर, आदि स्थानों पर कपड़े, जूते, इत्र, टोपिया या सिवइयों का जमकर कारोबार हो रहा है.

ईद के चाँद के अनुसार इस बार ईद 26 या 27 जून को मनाया जायेगा. महिलाएं हों या पुरुष कपड़ों की दुकान पर पसंदीदा रंग के कपड़ों के लिए जद्दोजहद करते दिखाई दे रहे हैं. सेवइयां जहां मिठास घोलने के लिए तैयार है, वहीं एक से बढ़कर एक इत्र बाजार में पहुंच गए हैं. इत्र और लच्छे की खुशबु से शहर का बाजार ईद की आहट की दस्तक दे रहा है.

 

इत्र की दुकानों पर बढ़ रही भीड़ 

चौराहा गली में इत्र का कारोबार करने वालों का कहना है कि वह पिछले 10 साल से इस व्यवसाय में हैं. ईद के मौके पर इत्र की बिक्री बढ़ जाती है. वह बताते हैं कि इन दिनों ब्रांडेड कंपनियों के परफ्यूम के मुकाबले देसी इत्र की मांग ज्यादा है. यहाँ अरब देशों में बिकने वाले इत्र की भी खूब मांग है.

 

ईद में खास हैं सेवइयां

चौराहे पर दुकान सजाये सेवईं के व्यापारीयों का कहना है कि ईद के लिए यहां सबसे अधिक सेवइयां ही तैयार की जाती है. यहाँ से बनी सेवईयां पटना के विभिन्न बाजारों के आलावा राज्य के कई जिलो और झारखंड तक बेचने के लिए व्यापारी ले जाते हैं. वर्तमान में बाजारों में सेवईयो  की कीमत 100 से 400 रुपए प्रति किलो है. शीर, खुरमा और किमामी सेवइंयों के लिए अच्छी सेवइंया और मेवों की भी जरूरत होती है. इसीलिए सेवइंयों और मेवों की बिक्री भी शुरू हो चुकी है.

टोपियों की भी मांग बढ़ी है

इसके आलावा ईद को देखते हुए बाजार में तरह-तरह की टोपियों की दुकानें भी सज गई है. धागे और कपड़े से बनी टोपियों के अलावा लेटेस्ट टोपियों की मांग बढ़ी हुयी है. इनकी कीमत 10 रुपए से लेकर 500 रुपए तक है.

कपड़ों की खरीददारी भी शुरू  

बाजार में मौजूद कढ़ाईदार और डिजाइनर बुर्के महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं. कास्मेटिक और चूड़ियों की दुकानों में अभी कुछ कम ग्राहक दिखाई दे रहे हैं. इन दुकानों पर चाँद रात से एक हफ्ते पहले ग्राहकों का जमावड़ा शुरू होगा. वहीँ कपड़ों की दुकानों पर दिन से लेकर रात के एक बजे तक ग्राहकों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गयी है.

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