जिंदगी के कई राज खोलती है शाम्भवी की ‘Somewhere to go’

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पटना : जिसके अन्दर सकारात्मकता है और जिसकी बुद्धि इतनी प्रखर है. उसने सपना देखा था, उस मंजिल तक पहुंचने की, तो भला उसे कोई कैसे रोक सकता था. हौसला इतना कि अपना रास्ता खुद चुन लिया और बढती रही निरंतर. ये सपने किसी और ने नहीं बल्कि “Somewhere to go” की लेखिका शाम्भवी ने देखा था. शाम्भवी आईपीएस अधिकारी और पटना सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार की पत्नी है.

रविवार को पटना के गोल्फ क्लब में शाम्भवी कि नॉवेल ‘Some where to go’ पर टॉक शो का आयोजन किया गया. इस अवसर पर पटना विश्वविद्यालय के रिटायर प्रोफेसर शंकर आशीष दत्त ने नॉवेल का परिचय देते हुए व्याख्यान किया. आपको बता दें कि शाम्भवी पहले टाइम्स ऑफ़ इंडिया में कार्यरत थी. उन्होंने मीडिया इंडस्ट्रीज के संघर्ष भरे अनुभव को इस नॉवेल के माध्यम से शेयर किया है. टॉक शो में प्रोफ़ेसर दत्त ने शाम्भवी से उसके नॉवेल को लेकर कई सवाल किये. शाम्भवी बताती है कि मैंने मीडिया की चुनौतियों को करीब से देखा है और महसूस किया है. किस तरह मीडिया के लोग तनाव में जीते है. उसके अनुभव को मैंने अपने कलम में उतारा है.

कहानी की मुख्य पात्र के बारे में बताते हुए शाम्भवी कहती हैं कि इसमे दो पात्र है ऐशिर और रिषा. दोनों आपस में बेहद प्यार करते है. लेकिन काम के तनाव से परेशान ऐशिर सब कुछ छोड़ सुकून कि तलाश में निकल पड़ता है. उसे पता नही होता है कि वो कहां जा रहा, बस चलता जा रहा है. उसे लगता है कि पुरानी जिंदगी से निकलने के बाद उसकी परेशनियाँ खत्म हो रही है. फिर वो दूसरी दुनिया को समझने का प्रयास करने लगता है. उसकी जिंदगी को निराशा से बाहर निकालने के लिए रघु उसकी जिन्दगी में आता है और बताता है कि जिंदगी जिन्दा दिली का नाम है. निराशा जिंदगी को बर्बाद करती है. उसकी बात मान ऐशिर वापस आता है और रिषा के साथ जिंदगी को एक नए नजरिये से देखता है और शुरू करता है.

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समारोह में अपर पुलिस महानिदेशक आलोक राज, प्रमंडल आयुक्त आनद किशोर, डीआईजी राजेश कुमार, जिलाधिकारी संजय कुमार, एसएसपी मनु महराज सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे.

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