बिहार की इन बेटियों का कमाल, महिलाओं को जागरूक करने के लिए साइकिल से घूमीं 29 राज्य

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लाइव सिटीज डेस्क : कहते हैं जब हौसला बुलंद हो तो इनसान हर कठिन काम कर सकता है. कुछ ऐसा ही काम किया है बिहार की इन दो बेटियों ने. देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार को देख बिहार की दो बेटियों ने ऐसा कारनामा किया जिसे देख सभी लोग उसके हौसले को सलाम करने लगे. जमुई की तब्बसुम अली और छपरा की सविता महतो साइिकल से 29 राज्यों में गईं. महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार को देख इन्होंने देश के लगभग 29 राज्यों के चक्कर साइकल से घूम-घूमकर लगाए और गांव-गांव जाकर महिलाओं को सुरक्षा का संदेश देकर उन्हें जागरुक किया.

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बिहार के छपरा जिला के रहने वाली सरिता महतो ने दिल्ली में हुए दर्दनाक निर्भया कांड से प्रेरणा लेते हुए बिना थके 29 राज्यों का दौरा किया. उसने गांव-गांव जाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरुक किया. देश के 29 राज्यों का दौरा करने के बाद वो कल शाम बिहार के अररिया जिला पहुंची तो लोगों ने उस का जोरदार स्वागत करते हुए उसके हौसले को सलाम किया.

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सरिता ने बताया कि वो पढ़ाई-लिखाई कर अपने परिवार की परवरिश के लिए अच्छी नौकरी करना चाह रही थी, लेकिन जैसे ही दिल्ली में निर्भया कांड सुना उसके बाद मेरा मन इतना उचट गया कि महिलाओं में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए मैंने साइकिल से पूरे देश का दौरा करने का मन बनाया. मेरे इस काम में मेरी एक सहेली भी थी लेकिन वो मेरे साथ ज्यादा दूर तक नहीं चल पाई.

कुछ दिन साथ चलने के बाद वो काफी बीमार हो गई. जिसके बाद बीच रास्ते से ही लौट गई. सहेली के रास्ते से लौटने के बाद भी मेरा हौसला कम नहीं हुआ और मैंने अकेले ही 29 राज्यों का दौरा किया. जिसमें गांव और शहर की महिलाओं के बीच जाकर आत्मनिर्भर बनने और मुसीबत पड़ने पर लोगों का सामना करने की बात बताई. मैने ये यात्रा पिछले साल 28 जनवरी को शुरू की थी.

आने वाली 18 जुलाई को सरिता साइकिल से पटना के गांधी मैदान पहुचेंगी जहां से उनकी ये मुहिम खत्म हो जाएगी. फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनसे देश की महिलाओं की हालत बताएंगी. साथ ही सरिता ने बताया कि उन्होंने अपना आदर्श देश में पहली बार पर्वत पर चढ़ने वाली महिला बछेंद्री पाल को माना है. साइकिल से यात्रा कर महिलाओं के बीच जाने का मकसद सिर्फ महिला सुरक्षा ही नहीं, बल्कि हर महिला को जागरुक करना भी था ताकी निर्भया जैसी दर्दनाक घटना फिर दोबारा किसी के साथ नहीं घटे.

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