सावधान : गुणवत्ता मानकों पर फेल हुईं 60 दवाएं, सेफ नहीं

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लाइव सिटीज डेस्क : पूरे देश में दर्दनाशक के तौर पर बिक रही प्रसिद्ध दवा कॉम्बिफ्लेम तंदरुस्त करने के बजाय बीमार कर सकती है. कुछ ऐसा ही हाल कोल्ड मेडिसिन डी कोल्ड टोटल का भी है. ये दोनों दवाएं सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन सीडीएससीओ की जांच में खरी नहीं उतर पाई है. सीडीएससीओ ने ये जांच पिछले महीने की थी जिसमे इन दोनों दवाओं को निम्न स्तर का पाया गया है. इसके अलावा, सिप्ला के ऑफलाक्स -100 डीटी टैबलेट्स और थियो अस्थिलिन टैबलेट्स, साथ ही कैडिला की कैडिलोज भी जांच में खरी नहीं उतरी है.

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) द्वारा मार्च में कराए गए किए गए गुणवत्ता परीक्षण में 60 दवाइयां फेल हो गई हैं. सीडीएससीओ राष्ट्रीय ड्रग नियामक एजेंसी है जिसने इन दवाइयों का सैंपल आधारित स्क्रीनिंग के तहत गुणवत्ता परीक्षण किया था. इनमें पेनकिलर के रूप में लिए जा रहे कॉम्बिफ्लेम, ऐंटी-कोल्ड मेडिसिन डी कोल्ड टोटल, ऐंटी-अलर्जिक सेटिरीजिन और वे ऐंटीबायॉटिक्स सिप्रोफ्लॉक्सेसिन और ओफ्लॉक्सेसिन शामिल हैं.

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सीडीएससीओ ने अपनी रिपोर्ट में इन्हें घटिया दर्जे का बताया है. सीडीएससीओ ने मार्च में अपने सेफ्टी बुलेटिन जारी की थी जिसमें इनका जिक्र करते हुए कहा है कि ये दवाइयां स्टैंडर्ड क्वॉलिटी की नहीं है. बुलेटिन में बताया गया है कि ये नकली, मिलावटी हैं और इनकी गलत ब्रांडिंग की गई है.

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कॉम्बिफ्लेम और डी-कोल्ड के टेबलेट खराब पाए गए हैं जबकि सिप्रोफ्लॉक्सेसिन और ओफ्लॉक्सेसिन में दवाई के जरूरी तत्वों की मात्रा स्टैंडर्ड नहीं पाई गई. टेस्ट में फेल हुई मेडिसिन का नाम और इसकी वजह सीडीएससीओ ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है.

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