गांधी मैदान में बनेगा फूडकोर्ट

(लाइव सिटीज डेस्क) : गांधी मैदान पटना की हृदय स्थली कहते हैं. छोटे—मोटे काम कर गुजारा करने वालों का अस्थाायी ठौर है तो आसपास के मॉर्निंग वाकर्स के लिए रोज का ठिकाना. कंक्रीट के जंगल में खेलकूद के लिए जगह की तलाश में परेशान बच्चों के लिए सर्वसुलभ मैदान.

कोर्ट-कचहरी और कलेक्ट्रियट के काम से आने वालों के लिए स्थायी प्रतीक्षालय. क्लास बंक कर या कोचिंग के बहाने घर से निकले लववर्ड्स का स्थायी मिलन—स्थल. ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि गांधी मैदान में हर रोज 5000 से भी ज्यादा लोग अलग-अलग कामों से आते हैं.

इस गांधी मैदान की रौनक में अब जल्द ही चार चांद लगने वाला है. यहां बहुत जल्द ही लज्जत और स्वाद के मुरीदों का भी जमावड़ा लगेगा, ऐसी व्यवस्था की जा रही है. दरअसल यहां जल्द ही फूडकोर्ट की व्यवस्था की जा रही है. इस मैदान की देखरेख करने वाली श्री कृष्ण स्मारक विकास समिति ने मैदान के पूर्वी भाग में 36,000 वर्गफीट का हिस्सा फूडकोर्ट के लिए चिहि्नत करने का निर्णय लिया है.

यह उद्योग भवन के सामने से लेकर कारगिल चौक के करीब तक गेट संख्या 5 से 7 के बीच अवस्थित होगा. फूडकोर्ट की स्थापना के लिए निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और 6 जून को इसकी प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी. इसी दिन फूडकोर्ट के लिए एजेंसी निर्धारित करने के लिए निविदा खोली जाएगी और चयनित निविदा को कार्य निष्पादन की जिम्मेवारी सुपुर्द कर दी जाएगी.

61 एकड़ क्षेत्रफल में विस्तृत गांधी मैदान की देखरेख करने वाली समिति के पदेन प्रमुख पटना के क्षेत्रीय आयुक्त आनंद किशोर हैं. उनके मुताबिक, मन में यह बात आई कि इतने बड़े मैदान में लोगों को स्वच्छ और सही फूड उपलब्ध कराने वाला कोई फूडकोर्ट नहीं है. सभी लोग इसके लिए फेरीवाले या खोमचे और ठेले वाले पर ही निर्भर हैं. इसलिए प्रॉपर फूडकोर्ट डेवलप करने की योजना कार्यान्वित की जा रही है.


निविदा खुलने के बाद जिस भी एजेंसी का चयन होगा, उसके जिम्मे फूडकोर्ट के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने का काम होगा. इसमें कियोस्क का निर्माण एवं आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था प्रमुख है. बता दें कि गांधी मैदान में प्रत्येक दिन 5000 से भी ज्यादा लोग आते हैं और इस संख्या में तब कई गुना इजाफा देखने को मिलता है जब गांधी मैदान में कोई समारोह या आयोजन चल रहा होता है, और ऐसे आयोजन तो यहां अक्सर होते ही रहते हैं. आखिर आपको यहां मिलेगा क्या?

आयुक्त महोदय के मुताबिक, यहां व्यंजनों एवं स्वाद में विविधता सुनिश्चित की जाएगी. कोशिश की जाएगी कि विभिन्न राज्यों के लोकप्रिय व्यंजन यहां लोगों को सुलभ कराया जा सके. और हां अपने बिहारी व्यंजन के यहां न होने का तो सवाल ही नहीं उठता है. चाइनीज फूड तो यूथ में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है,

जाहिर तौर इसकी लज्जत से आपको यहां वंचित नहीं होना पड़ेगा. गौरतलब हो कि गांधी मैदान में मार्निंग वाकर्स काफी संख्या में आते हैं. यहां ओपेन जिम की भी व्यवस्था है. इसलिए एजेंसी को फ्रूट जूस और एनर्जी ड्रिंक का काउंटर तैयार करने का निर्देश विशेषतौर पर है.


यहां वेंडर कौन होंगे, इसके सलेक्शन की जिम्मेवारी भी एजेंसी के जिम्मे होगी. एक फूडकोर्ट तकरीबन 300 वर्गफीट में विस्तृत होगा. इस लिहाज से यहां कम से कम 12 स्टॉल तो अवश्य ही होंगे. इस फूडकोर्ट में जितने भी कियोस्क होंगे, वे पहिएदार यानि ह्वील पर होंगे. इसे आवश्यकतानुसार कहीं भी ले जाया और लाया जा सकेगा.

वेंडर प्रत्येर दिन कियोस्क को यहां लाएंगे और फिर यहां से अने ठिकाने पर ले जाएंगे. यानी वेंडर को फूडकोर्ट एरिया में स्थायी तौर पर डेरा-डंडा डालने की अनुमति नहीं होगी. आखिर इस रोज-रोज की कसरत की कोई खास वजह? आयुक्त महोदय के मुताबिक, गांधी मैदान की सुंदरता इसके खुलापन में है.

स्थायी निर्माण से मैदान की जो स्वाभाविक सुंदरता है वह कुप्रभावित होगी. इसके अलावा Wheel mounted food court को मैदान में किसी विशेष आयोजन की स्थिति में आवश्यकतानुसार कहीं भी हटाया जा सकेगा. गांधी मैदान चूंकि पटना का सबसे प्रमुख आयोजन स्थल है इसलिए यह विकल्प बिल्कुल उचित है.


निविदा खुलने के बाद जिस एजेंसी को कार्य की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी, उसे प्रशासन की ओर से एक माह का समय दिया जाएगा. इस अवधि में उसे कार्य संपन्न कर लेना होगा. इस लिहाज से देखें तो गांधी मैदान के फूडकोर्ट में सुस्वादु व्यंजन का मजा लेने के लिए पटनावासियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा.

अगर सब कुछ सही रहा तो जून के अंत में, नहीं तो जुलाई के प्रथम पक्ष में गांधी मैदान के रौनक में चार चांद लगाने के लिए फूडकोर्ट नमूदार हो जाएगा. मानसून की रिमझिम फुहार से लेकर झमाझम बारिश की संभावना को देखते हुए एजेंसी से आगंतुकों के बैठने की जगह को कवर्ड रखने की व्यवस्था करने को भी कहा जाएगा.

तो फिर पटनावासियों के तफरीह की जगह की सूची से अगर गांधी मैदान किसी कारण से डिलीट हो गया हो तो फटाफट इसे एड कीजिए, क्योंकि सभी को रिफ्रेश होने की जगह चाहिए और रिफ्रेशमेंट होने की जगह भी.