सुमित्रा के हौसले को नहीं रोक सकी विकलांगता, करती है ऐसे काम जिसे जानकर रह जाएंगे दंग   

नवादा (पंकज कुमार सिन्हा) : कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हाथ पैर होने के बाद भी विकलांग होते हैं और कुछ लोग जन्मजात विकलांग होकर भी समाज के लिए प्रेरणा बने हुए हैं. ऐसे ही प्रेरणास्रोत को सहयोग देने के लिए लोगों की हाथ उठ रहे हैं. गया जिले के इमामगंज के झिकटिया पंचायत की मैरा गांव निवासी सहदेव पासवान की बेटी सुमित्रा आज लोगों के लिए प्रेरणादायक बनी है.

जन्म से ही केहुनी के नीचे हाथ नहीं होने के बाद भी सुमित्रा आज वो सब काम कर लेती है, जो हाथ होने वाले व्यक्ति भी नहीं कर पाते हैं. 16 साल की उम्र में सिर से पिता का साया उठने के बाद भी सुमित्रा ने इंटर तक कि पढ़ाई पूरी कर ली है. आर्थिक अभाव से जूझ रही सुमित्रा कि खबर जब मीडिया में प्रकाशित हुई तो उसे सहयोग करने के लिए लोगों की हाथ उठने लगे.

नवादा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत तथा जिला जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के सचिव किशोरी प्रसाद सिंह ने भी सहयोग की घोषणा की थी. 30 सितम्बर को सेवानिवृत होने के बाद मिले पैसे से सम्मान जनक राशि देने के लिए किशोरी सिंह सुमिंत्रा के गांव तक पहुंच गए. सुमित्रा लोगों से मिले पैसे से आगे की पढ़ाई करना चाहती है. सुमिंत्रा हाथ से विकलांग होने के बाद भी जंगल से लकड़ी लाकर खाना बनाने, चापाकल चलाकर कपड़े धोने और मशीन से कपड़े सिलाई करने का भी काम करती है. आज की तारीख में सुमिंत्रा लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है.

यह भी पढ़े – नवदंपतियों की सुख-समृद्धि की कामना का पर्व है कोजगरा
अब चप्पा चप्पा चरखा चलता नहीं!

RING और EARRINGS की सबसे लेटेस्ट रेंज लीजिए चांद​ बिहारी ज्वैलर्स में, प्राइस 8000 से शुरू

PUJA का सबसे HOT OFFER, यहां कुछ भी खरीदें, मुफ्त में मिलेगा GOLD COIN

अभी फैशन में है Indo-Western लुक की जूलरी, नया कलेक्शन लाए हैं चांद बिहारी ज्वैलर्स

मौका है : AIIMS के पास 6 लाख में मिलेगा प्लॉट, घर बनाने को PM से 2.67 लाख मिलेगी ​सब्सिडी

(लाइव सिटीज मीडिया के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)