Great Mathematician : आज ये बस टुकुर-टुकुर देख रहे हैं, कभी इनके ब्रेन पर गर्व करता था पूरा देश

टॉपी पहने गणितज्ञ डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह, बगल में चिकित्सक व अन्य.

आरा (पुष्कर पांडेय) : एक बूढ़ा आदमी आज चुपचाप आंखों पर चश्मा चढाए, बादामी कलर का कुर्ता पहने गुमसुम बैठा था. कल जो अखबारों पर, कॉपी पर और दीवारों पर लिख देता थे, आज उनके हाथ शांत पड़े थे. आप जरूर जानना चाहते होंगे कि आखिर यहां किनकी बात हो रही है. तो आपको बता दें कि यहां 75 साल के एक ऐसे बुजुर्ग शख्सियत की बात हो रही है जिनके दिमाग का लोहा कभी पूरा संसार मानता था. जिनके गणीतीय फार्मूले पर पूरा भारत गर्व करता था.

जी हां, यहां बात हो रही है महान गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह की. आज उनके अस्वस्थ होने की खबर जैसे ही जिला प्रशासन के अधिकारियों को लगी आनन—फानन में तत्काल डॉ. अरुण कुमार एवं डॉक्टर के सिन्हा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई. चिकित्सकीय टीम शनिवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव पहुंची और उनके स्वास्थ्य की जांच की. जांचोपरांत पता चला कि mathematician डॉक्टर वशिष्ठ नारायण अभी स्वस्थ हैं.

टॉपी पहने गणितज्ञ डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह, बगल में चिकित्सक व अन्य.

चिकित्सीय टीम ने बसंतपुर गांव निवासी महान गणितज्ञ डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह के स्वास्थ्य की जांच की. टीम में शामिल चिकित्सक डॉ. केएन सिन्हा (फिजिशियन) और डॉ. अरुण कुमार (सर्जन) ने बताया कि मैथेमेटिशियन वशिष्ठ नारायण सिंह की फिजिकल जांच की गयी. वे पूर्ण रूप से स्वस्थ थे. उनसे उनके हाल-चाल व खान-पान के बारे में पूछा गया. उन्हें कोई भी कष्ट नहीं है. सदर अस्पताल के चिकित्सकों की टीम संतुष्ट होने के बाद पुनः वापस आ गयी.

 

बता दें कि रामानुजम श्रेणी के महान गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह दो दशक पूर्व सीजोफ्रेनिया रोग से ग्रसित हो गए थे. उनका इलाज देश हायर सेंटर में कराया गया था. उसके बाद से वे अपने पैतृक गांव बसंतपुर में ही रह रहे हैं.

इधर डॉ वशिष्ठ बाबू के स्वस्थ होने की जानकारी गांव के लोगों व अफसरों को लगी तो उन्होंने राहत की सांस ली.