रमजान में हेल्थ का ऐसे करें केयर

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लाइव सिटीज डेस्क : रमजान का महीना दुनिया भर के मुसलमानों के लिए रोजा रखने और इबादत का महीना होता है. यह महीना अपने दामन में ढेरो रहमते समेटे आता है. कहा जाता है कि इस महीने में रिज्क बढ़ा दिया जाता है. रोजे के हालत में इंसान दिन भर कुछ खाता पीता नही, ऐसे में हर गृहणी की यह फिकर होती है कि वह अपने परिवार को क्या खिलाए कि सख्त गर्मी में सेहत को नुकसान न पहुंचे. यह फिक्र जाएज भी है कि सेहरी में ऐसा क्या खाया जाए जो दिन भर के लिए मददगार हो और शाम को ऐसा क्या खाएं जो नुकसान न पहुंचाए इन बातों पर गौर जरूरी है.

यदि रमजान में सोच समझ कर खाया जाए तो रोजा रखने से सेहत को फायदा होता है. अक्सर लोगों को शिकायत रहती है कि दिन भर रोजा रखने के बावजूद उनका वजन बढ़ रहा है. ऐसा बिना सोचे समझे खाने से होता है. रोजे में सेहरी से इफ्तार यानि सुबह सूरज उगने से ढलने के बीच रोजा रखने वाले कुछ नहीं खाते पीते लेकिन इसके पहले और बाद में तेल घी में डूबे खाने बेझिझक खाए जाते हैं. समोसा, पकौड़े, चिप्स, बिरयानी वगैरह. यह दस्तरख्वान की रौनक और आपकी भूख’ तो बढ़ाते ही है, लेकिन इससे आपके दिल को नुकसान हो सकता है और वजन बढने का भी खतरा रहता है. भारत में रोजा लगभग 15 घंटे लंबा हो रहा है, जबकि कुछ देशों में तो 19 घंटे लंबा रोजा भी है, ऐसे में अपनी खुराक में कैल्शियम जरूर शामिल करना चाहिए.

न्यूट्रीशियन के मुताबिक दूध और दही जैसी चीजें सेहरी और इफ्तार दोनों में लेना चाहिए. तली भुनी चीजें हजम होने में ज्यादा वक़्त लेती है. जो इबादत में रूकावट और तबियत खराबी की वजह बन सकती है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जी का इस्तेमाल करे. इफतार बाद थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी- जूस वगैरह पीते रहें ताकि जिस्म में पानी की कमी न हो, सत्तू का शर्बत, खजूर, खस के शर्बत को इफतार की जीनत बनाएं, ये बहुत जल्दी जिस्म में ताकत पहुंचाते है. अगर पकौड़ी वगैरह के बगैर इफतार अधूरा लग रहा तो भाप में बनी पकौड़ी इस्तेमाल करें. एक-दो से ज्यादा आईटम तला हुआ न रखें.

रमजान के महीने में न सिर्फ इबादत का बल्कि शरीर को भी गैरजरूरी खान पान से बचाने का मौका मिलता है. पूरे साल शरीर भारी खाने को पचाने में जो मेहनत करता है उससे तंत्र को राहत मिलती है और वे लोग जो वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें रमजान के महीने का फायदा उठाना चाहिए. उन्हें तले और ज्यादा मीठे खाने से बचना चाहिए, इससे शरीर की अनचाही चर्बी कम होती है.

सेहरी के विकल्प- ब्रेड, चोकर मिले आटे की रोटी या परांठा, दूध और दही, तीन से चार ग्लास पानी, अंडा, ताजे फल. कुछ लोग सेहर में बेहद पानी पी लेते है यह ठीक नही है, पानी उतना ही पीए कि उल्टी वगैरह महसुस न हो, हां दिन भर प्यास की शिद्दत से बचने के लिए पानी की आखिरी तीन घूंट में सुबहानअल्लाह, अलहमदोलिल्लाह, जजाकल्लाह पढ़े, इन्शाअल्लाह प्यास नही लगेगी.

इफ्तार के विकल्प- खजूर फायदेमंद है. इसमें आयरन और दूसरे पोषक तत्व होते हैं. घर के बने शरबत को तरजीह दें, शरबत ताजा ही बनाए, तला हुए खाने से बचें, फल के बने आईटम को जरूर शामिल करें. थोड़ा-थोड़ा खाए, रमजान में सेहत अच्छी रखने के लिए और शरीर को कमजोरी या मोटापे से बचाने के लिए इफ्तार से सेहरी के बीच खूब पानी पीना चाहिए, खूब फल खाने चाहिए, धूप से बचना चाहिए और नींद पूरी करने पर खास ध्यान देना चाहिए.

रमजान में रूटीन चेंज होने से नींद न पूरी होने की शिकायत आम हो जाती है. नींद पूरी न होने से आप बीमार भी हो सकते हैं. रमजान का एक महीना पलक झपकते गुजर जाता है, यह महीना इबादत से रूह को सकून पहुंचाने का है, आप भी खूब इबादत करें मगर खुद को नजरअंदाज न करें, स्वस्थय रहेंगी तभी परिवार के साथ पूरे महीने का मजा उठा पाएंगी, हेल्दी खाइये,

अच्छी नींद लिजिए और अपना भरपूर ख्याल रखिए.