स्वास्थ्य सुविधाएं देने में भारत फिसड्डी, स्विट्जरलैंड शीर्ष पर

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लाइव सिटीज डेस्क : स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं के मामले में भारत अन्य कई देशों से काफी पीछे है. स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 195 देशों की सूची में भारत 154 वें स्थान पर है. स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भारत बांग्लादेश, चीन, भूटान और श्रीलंका समेत अपने कई पड़ोसी देशों से पीछे है. मेडिकल जर्नल ‘द लैनसेट’ में प्रकाशित ‘ग्लोबल बर्डेन ऑफ डिजीज स्टडी’ के अनुसार स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी 195 देशों की सूची में भारत को 154वें स्थान मिला है.

हालांकि कुछ मानकों पर देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्ष 1990 के मुकाबले 2015 में बेहतर स्थिति देखने को मिली है. देश में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की इस हालत की पुष्टि एक अध्ययन के परिणामों से हो जाती है. इस सूची में स्विट्जरलैंड शीर्ष पर है जबकि उसके बाद स्वीडन और नार्वे का स्थान आता है.

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इसका प्रमुख कारन है कि भारत में अशिक्षा और गरीबी बहुत ज्यादा है. भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) अप्रैल 2005 में शुरू किया गया था. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना हैं एवं इसमें उन 18 राज्यों में ज्यादा ध्यान दिया गया था जहां स्वास्थ्य सेवा के संकेतक काफी निम्न थे. डॉक्टरों की आबादी का केवल 2% ग्रामीण क्षेत्रों में रहता हैं जहा भारत की 68% जनसंख्या रहती हैं.

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भारत में स्वास्थ्य सेवा के लिए निजी स्वास्थ्य क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभाता हैं. यहाँ अधिकांश स्वास्थ्य खर्च बीमा के माध्यम से होने के बजाय रोगियों और उनके परिवारों द्वारा उनकी जेब भुगतान किया जाता हैं. इसके चलते स्वास्थ्य खर्चों पर बहुत ही असामान्य व्यय करना पड़ता हैं एवं परिणामस्वरूप किसी भी परिवार की आर्थिक स्थिति ख़राब हो जाती हैं. यहाँ तक की जीने का एक बुनियादी मानको को बनाये रखने में परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं.