2 साल रहा सोशल मीडिया से दूर, ऐसे बना IIT JEE टॉपर

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लाइव सिटीज डेस्क : जेईई एडवांस रिजल्ट 2017 के ऑल इंडिया टॉपर सर्वेश मेहतानी ने खुद अपनी सफलता का राज खोला और बताया कि आखिर ये इतिहास कैसे रचा. जेईई एडवांस रिजल्ट 2017 का रिजल्ट में पंचकूला के सर्वेश मेहतानी ने 360 में से 339 नंबर लेकर ऑल इंडिया टॉप किया. पुणे के अक्षत चुग दूसरे नंबर पर रहे और दिल्ली के अनन्य अग्रवाल को तीसरा स्थान मिला. सर्वेश पंचकूला भवन विद्यालय के स्टूडेंट हैं. सर्वेश के पिता प्रवेश मेहतानी इनकम टैक्स ऑफिसर हैं. वहीं मां आईटीआई पंचकूला में प्लेसमेंट ऑफिसर हैं.

सफलता के मंत्र के बारे में पूछे जाने पर सर्वेश ने कहा, ‘‘लक्ष्य को लेकर कड़ी मेहनत, सुनियोजित तरीके से पढ़ाई करना और एकाग्रचित रहना. मेरे जूनियर्स के लिए मेरा संदेश है कि शांत, सुनियोजित रहे और कड़ी मेहनत करें.’’ तनाव से मुक्ति पाने के लिए सर्वेश क्या करते थे, इस पर उसने कहा, ‘‘मैंने टीवी पर कार्टून देखे और गाने सुने. उपन्यास पढ़ने और बैडमिंटन खेलने ने भी मुझे शांत और एकाग्रचित बने रखने में मदद की.’’

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2 साल से नहीं किया स्मार्टफोन का यूज
सर्वेश और वाईकर ने भी कहा कि वे पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया से दूर हैं. सर्वेश ने कहा, ‘‘मैंने पिछले दो साल से अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं किया. मैं स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हुए पढ़ाई पर ध्यान नहीं लगा सकता था लेकिन जो कर सकते हैं उन्हें व्हाट्सएप और फेसबुक का इस्तेमाल करना चाहिए. पिछले दो वर्षों में मैं अपने ज्यादा शौक पूरे नहीं कर पाया. मैंने दोस्तों के साथ घूमना भी बंद कर दिया था.’’

5 से 6 घंटे करता था स्टडी
यह पूछने पर कि रोज कितनी देर पढ़ाई की, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘स्कूल और निजी कोचिंग के अलावा मैंने पांच से छह घंटे पढ़ाई की. छुट्टी के दिन मैंने 8-10 घंटे पढ़ाई की होगी.’’  सर्वेश आमिर खान अभिनीत बॉलीवुड फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ से भी प्रेरित हैं. इंफोसिस के सह संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति को अपना आदर्श मानने वाले छात्र ने कहा, ‘‘जब मैं 8वीं कक्षा में था तब यह फिल्म रिलीज हुई. इस फिल्म के ज्यादातर चरित्रों ने मुझे प्रेरित किय.’’अपने बेटे की सफलता से खुश पिता परवेश ने कहा, ‘‘उसने हमेशा अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगाया.’’  उन्होंने अपने बच्चे पर अकादमिक सफलता के लिए दबाव डालने वाले अभिभावकों के लिए कहा, ‘‘बच्चों पर दबाव डालने से कुछ हासिल नहीं होगा. हमें अपने बच्चों को अपने सपने पूरे करने में मदद करनी चाहिए.’’

 

म्यूजिक सुन तनाव दूर करता था आशीष

आईआईटी जेईई में अखिल भारतीय स्तर पर सातवां स्थान हासिल करने वाले आशीष वाईकर मूल रूप से महाराष्ट्र से हैं लेकिन वह पंचकुला में पढ़ते हैं क्योंकि उनके पिता कर्नल श्रीकांत वाईकर यहां तैनात हैं. छात्र ने कहा कि कड़ी मेहनत और अध्यापकों के निर्देशों का पालन करने से उसे यह सफलता हाथ लगी.  उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर हर दिन मैंने छह-सात घंटे पढ़ाई की.’’ अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों के बारे में वाईकर ने कहा, ‘‘मेरी बहन ने मेरे लिए फेसबुक प्रोफाइल बनाया था लेकिन मैंने कभी उसका इस्तेमाल नहीं किया. यहां तक कि मैं व्हाट्सएप का इस्तेमाल नहीं करता क्योंकि फोकस रहने में ये चीजें आपका ध्यान भटकाती है.’’  संगीत से भी वाईकर ने अपना तनाव दूर किया. वाईकर ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैंने हिंदी गाने सुने और मेरा पसंदीदा गायक अरिजीत सिंह है.