जज्बा: चपरासी की बेटी ने पूरा किया पिता का सपना, सिविल कोर्ट में बनी जज

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चपरासी की बेटी

लाइव सिटीज डेस्कः जब हौसला बुलंद होता है तो कोई नहीं रोक सकता. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है एक चपरासी की बेटी ने. गरीब परिवार के एक चपरासी की बेटी ने न्यायिक सेवा में सफलता प्राप्त किया है. आज वो जज के रूप में अपने जिले का मान बढ़ा रहीं हैं. ऐसी घटनाएं हुई जिससे एक पिता का सिर फख्र से ऊंचा हो गया. आज ऐसी ही 10 कहानी बताने जा रहा है. जिसमें सिविल कोर्ट में चपरासी पिता की बेटी जज बन गयी. वहीं किसी ने बाल विवाह का विरोध कर शादी से इंकार कर दिया था. उसके इस फैसले से समाज ने उसका बॉयकाट कर दिया था. फिर भी वो अपने फैसले पर अड़ी रही. अब सीएम ने उसे एक बड़ी जिम्मेवारी सौंपी है.

हौसलों के पंख से एक चपरासी की बेटी ने ऐसी उड़ान भरी कि उसने पिता के सभी सपने पूरे कर दिए. भागलपुर सिविल कोर्ट में चपरासी जगदीश साह के मन में जज के रूतबे व प्रतिष्ठा को देखकर लालसा थी कि उनके घर से भी कोई जज बने. वे अपने दिल की बात घर में भी साझा करते थे. लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी लाडली जूली अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा देगी.



जूली पूरी-पूरी रात जागकर न्यायिक सेवा की तैयारी की और 29वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा का जब रिजल्ट आया तो लाडली ने अपने पिता के सपने को सच कर दिखाया. जूली प्रदेश में 194 लोगों की सफलता के बीच वह 251 अंकों के साथ ईबीसी कोटे में 24वें स्थान पर रही.

आपको बताते चलें कि उन्हें असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) का पद मिला है. अपनी मेहनत और पिता के सपोर्ट से अब वह उसी कुर्सी पर बैठेगी, जिसकी चाकरी उसके पिता करते रहे.