बिहार : डॉ नीतू नवगीत के लोकगीत से गुलजार रहा सरस मेला

पटना में आयोजित सरस मेला में लोकगीत प्रस्तुत करतीं डॉ नीतू नवगीत

पटना : ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गांधी मैदान में लगाए गए सरस मेला में दर्शकों की भारी भीड़ आ रही है. ग्रामीण हस्तशिल्प और उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए लगाए गए इस मेले में कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इसमें डेली बिहार के प्रसिद्ध कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी क्रम में रविवार की संध्या बिहार के प्रसिद्ध लोकगायिका नीतू कुमारी नवगीत ने अपने लोक गीतों की प्रस्तुति से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया और उन्हें बिहार के गांव की सोंधी महक से सराबोर किया.

उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत में सबसे पहले गणेश वंदना मंगल के दाता रउआ बिगड़ी बनाई जी से की और इसके बाद अनेक पारंपरिक गीत पेश किये. सरस मेले को केंद्र में रखते हुए उन्होंने गाया- ‘आग लागे सैंया जी, तोहरी नौकरिया कि पटना सरस मेलवा हम कैईसे जइबे ना…’ चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष को याद करते हुए उन्होंने गांधी गान पेश किया- सत्य की राह दिखाई दियो रे लाठी वाले बापू, अहिंसा का अलख जगाए दियो रे लाठी वाले बापू.



इसके बाद उन्होंने कोयल बिना बगिया ना शोभे राजा, हमारा आम अमरैया बड़ा नीक लागेला, पिया मेहंदी लिया द मोती झील से जाके साइकिल से ना, सैंया झांके नथुनिया हमार नजरिया डाल डाल के, पटना शहर के नौकरिया जिया जर गईल हमार सहित अनेक लोकगीत पेश किए. उन्होंने अपने नए एल्बम बिटिया है अनमोल रतन के गीतों को भी पेश किया. उन्होंने लोगों से अपील की है कि शादी में दहेज ना लें और बेटियों को भी आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर दें. या रब हमारे देश में बिटिया का मान हो. जेहन में बेटों जितना ही बेटी की शान हो.

सांस्कृतिक कार्यक्रम में डॉ नीतू कुमारी नवगीत के साथ हारमोनियम पर राकेश कुमार, तबला पर संतोष कुमार, नाल पर मनोज कुमार सुमन, बैंजो पर अशोक कुमार, कैसियो पर सुरजीत कुमार ने संगत किया.