नक्सलबाड़ी में बह रही है भक्ति की बयार, मुख्यधारा में जुड़ रहे नक्सल

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अरवल (राकेश कुमार) : अरवल और पटना जिले की सीमा पर अवस्थित इमामगंज जिसे नक्सलवाड़ी के रूप में जाना जाता था. समय और माहौल के अनुसार अब यहां का हालात बदल चुका है. हिंसा-प्रतिहिंसा के नक्सल गतिविधियों से इस इलाके के लोग बाहर निकल कर मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं. गोलियों की तड़तड़ाहट की बजाय अब इस इलाके में वेद मंत्रों की स्वच्छ ध्वनि गूंज रही है. जिससे इलाका भक्ति के वातावरण में सराबोर हो रहा है. सतचंडी महायज्ञ में लोग भक्ति के रंग में रंग गए हैं. नक्सलबाड़ी में बह रही है भक्ति की बयार जहां आम आवाम को मानवता की सेवा करने की प्रेरणा दे रहा है वहीं इलाके की फिजा अपनी काली छाया से बाहर निकलकर अमन शांति का पैगाम दे रहा है.


आयोजित श्री सत चंडी मां शेरावाली महायज्ञ में भक्ति की गंगा बह रही है. आस-पास के गांव से काफी दूर दूर से लोग श्रद्धालु हवन कुंड की परिक्रमा करने यहां पहुंच रहे हैं. काशी से पधारे श्री शैलेंद्र आनंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यज्ञ से न सिर्फ आध्यात्मिक माहौल पैदा होता है बल्कि इससे प्रकृति भी शुद्ध होती है. यज्ञ के महत्व के संबंध में इन्होंने विस्तार से व्याख्या करते हुए कहा कि अति प्राचीन काल से हमारे समाज में यज्ञ महायज्ञ की परंपरा चली आ रही है. जिसके वैज्ञानिक व आध्यात्मिक फायदे हैं जो अवर्णनीय है.

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प्रयाग से पधारी जयंती शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मनुष्य के गृहस्थ जीवन के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कही कि गृहस्थ आश्रम को सभी आश्रमों में श्रेष्ठ माना गया है. इन्होंने श्री रामचरित्रमानस व गीता के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन धार्मिक ग्रंथों में मनुष्य के कर्म के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है. आदर्श पति आदर्श पुत्र आदर्श भाई मनुष्य के जो आपसी संबंध हैं. इन सारे संबंधों की विशद व्याख्या इन धार्मिक ग्रंथों में मिलती है. जिसके अनुसार चल के लोग अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं.

अंजनी पांडे के भजन को सुनकर उपस्थित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए. उन्होंने एक से एक भक्ति गीतों का प्रस्तुति समारोह में किया. संध्या कालीन समारोह में माया सरस्वती ने विवाह के संबंध पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को बताया कि विवाह क्यों जरूरी है. इस महायज्ञ में आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जुट रहे लोगों की व्यवस्था की जिम्मेदारी में लगे संचालक कृष्णा प्रसाद गुप्ता अध्यक्ष शशि कपूर सिंह उपाध्यक्ष विष्णु कुमार सचिव सुनील कुमार कोषाध्यक्ष कुमुद रंजन ने बताया कि वृंदावन से पधारे हुए रासलीला मंडली के द्वारा आकर्षक श्रीकृष्णलीला का सजीव चित्रण किया जा रहा है.

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सारे आगंतुक श्रद्धालुओं को बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है एवं महिला पुरुष श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े उसके लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित है .यज्ञ का आयोजन लगातार 16 जून तक चलता रहेगा इसके अतिरिक्त मेला में बहुत सारे बच्चों के लिए खेल झूला इत्यादि आने से आयोजन स्थल मेला स्थल में भी तब्दील हो गया है.