पटना की शांभवी ने लिखा नॉवेल, Somewhere To Go में छिपा है प्रकृति का प्रेम

लाइव सिटीज डेस्क ( शिल्पी)  : जब आप मन में कुछ ठान लेते हैं, तो आपको सफलता मिलते देर नहीं लगती है. भले ही इसमें आपको कुछ समय लगे, लेकिन निराशा हाथ नहीं लगेगी. कुछ ऐसा ही हुआ शांभवी के साथ. उनके मन में तीन साल पहले ​नॉवेल लिखने का ख्याल आया और आज सबके हाथों में पहुंच गया Somewhere To Go.

जी हां, पटना सेंट्रल रीजन के डीआइजी राजेश कुमार की पत्नी शांभवी इन दिनों अपने नॉवेल Somewhere To Go को लेकर काफी चर्चा में हैं. प्रकृति और पर्यावरण पर आधारित इस नॉवेल को लिखने में उन्हें पूरे तीन साल लग गये. लखनऊ में पली-बढ़ी शांभवी कहती हैं कि यह नॉवेल सिर्फ मेरी मेहनत और जूनून का परिणाम नहीं, बल्कि हर उस लड़की है, जो सपना देख कर उसे पूरा करने का हौसला रखती है.

शांभवी कहती हैं कि शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियां और दो छोटे बच्चों की परवरिश करते हुए इस नॉवेल को मैंने पूरा किया है. इसमें मेरे परिवार वालों के साथ मेरे करीबियों का भी अहम रोल रहा है. बता दें कि इस नॉवेल को पिछले दिनों बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने विमोचन किया था. बकौल शांभवी, मुझे प्रकृति, जीवन और इसके विविध रूपों से काफी लगाव है. इन सब चीजों को किताबों के कैनवास पर उकेरना हमें अच्छा लगता है.

पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया विमोचन

इस नॉवेल को लिखने का ख्याल के बारे में शांभवी कहती हैं कि अचानक मेरे मन में नॉवेल लिखने की बात आयी. उस समय मैं टाइम्स ऑफ़ इंडिया में काम करती थी. इसमें अयशेर और रिशा नामक दो कैरेक्टर हैं. उन्होंने कहा कि एक ही मीडिया इंडस्ट्रीज में काम करने वाले दो लोगों की लाइफ जितनी सिंपल दिखती है, क्या वास्तविकता में उतनी है क्या? किस तरह यहां रिश्ते संजोये जाते हैं, इन सब चीजों को भी इसमें दिखाने की कोशिश की हूं. दरअसल भागमभाग वाली जिंदगी में हम प्रकृति और खुद को भूल जाते हैं. जबकि, प्रकृति ही हमारी लाइफ है.

लाइफ को कैसे नेचर और एनवायरनमेंट से कनेक्ट कर के रखा जाए, इस नॉवेल में उससे संबंधित रोचक जानकारियां दी गयी हैं. शांभवी कहती हैं कि मैंने खुद को याद रखा, हर छोटी—छोटी चीजें जो हमारे आसपास होती हैं, उनको अपनी कलम से उकेरा. इसका रिजल्ट आपके सामने है. इस नॉवेल से प्रेरित होकर शांभवी अब दूसरे नॉवेल लिखने में जुट गयी हैं. बकौल शांभवी दूसरे नॉवेल का 68 प्रतिशत हिस्सा मैं लिख चुकी हूं. जल्द ही यह पाठकों के हाथों में होगा.

बता दें कि शांभवी वर्तमान में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट से पीएचडी कर रही हैं.