कैंडिल में फूंक मारने से केक पर बढ़ जाते हैं 1400 प्रतिशत बैक्टिरिया, लेकिन जमकर खाइए!

पटना : अगर आप बर्थ डे केक को देखकर बेकाबू हो जाते हैं और जल्द से जल्द इसकी एक स्लाइस की खातिर मचल उठते हैं तो यह जानकारी आपको ऐसा करने से पहले कई मर्तबा सोचने को मजबूर करेगी. एक अध्ययन के मुताबिक, केक पर मोमबत्ती जलाने की परंपरा से तो हम सभी वाकिफ है. बच्चे जितने साल के होते हैं उतनी मोमबत्तियां जलायी जाती हैं. या फिर उसके जन्मदिन को दर्शाती संख्या वाली मोमबत्तियां जलायी जाती हैं. फिर उस मोमबत्ती को फूंक मारकर बुझाया जाता है. फिर सभी पंचम सुर में हैप्पी बर्थ डे टू यू का गीत गाते हैं और निगाहें टिक जाती हैं केक पर.

studio11

टेस्टी…यम्मी. जीभ लपलपाने लगता है केक खाने को. अब आप कहेंगे इसमें अजीब क्या है. ऐसा तो हर जगह होता है. सभी ऐसा ही करते हैं. जी हां आपकी बात बिल्कुल सही है कि सभी जगहों पर ऐसा होता है और सभी ऐसा करते हैं लेकिन परेशानी इसी परंपरा से जुड़ी है. मोमबत्ती को जब कोई फूंक मारकर बुझाता है तो केक की आइसिंग पर बैक्टीरिया की संख्या खद—खदाकर बढ़ जाती है. आप माइक्रोस्कोप से देखेंगे तो केक की आइसिंग पर बैक्टीरिया खदर—बदर करता दिखाई देगा. साउथ कैरोलिना अवस्थित क्लेम्सन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स की एक टीम के मुताबिक, मोमबत्ती को फूूंक मारने से मुंह का सेलिवा केक के उपर फैल जाता है. बल्कि कहिए का बैक्टीरिया का उसपर साम्राज्य छा जाता है.

जानते हैं कितना? जानकर आप हैरान हो जाएंगे. जी हां 1400 प्रतिशत ज्यादा. चौंक गए न! क्लेम्सन यूनिवर्सिटी, साउथ कैरोलिना के प्रोफेसर डॉ. पॉल डाउसन ने अपने अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को लेकर एक यह जानने के लिए अध्ययन किया कि फूड सेफ्टी को लेकर उनकी सोच क्या है. उन्होंने पाया कि फूंक मारने के बाद केक की आइसिंग लेयर पर बैक्टीरिया में 1400 प्रतिशत की भारी—भरकम बढ़ोतरी हो गई है. उन्होंने यह जानकारी दी कि हमारा मुंह बैक्टीरिया का गढ़ है. अगर हम शरीर में उपस्थित बैक्टीरिया की बात करें तो इसका सम्मिलित वजन 4 पाउंड है.

सामान्यतौर पर किसी डेस्क पर किसी टॉयलेट की अपेक्षा 400 गुना ज्यादा बैक्टीरिया होता है. किसी टॉयलेट के हैंडल से कहीं 18 गुना ज्यादा बैक्टीरिया उस मोबाइल फोन पर चिपका होता है जिसे हम अपने हाथों से जुदा नहीं होना देना चाहते हैं. इतना ही नहीं जिस रूपये—पैसों में हमारा प्राण बसता है उसमें 3000 प्रकार के बैक्टीरिया अपनी जिंदगी गुजारते हैं. डॉ. पॉल डाउसन ने अपने इस अध्ययन में एक रोचक तथ्य का खुलासा किया कि फूंक मारने से केक पर बैक्टीरिया की तादाद में भारी इजाफा तो हुआ लेकिन हैरानी इस बात को लेकर हुई कि अलग अलग फूंक में केक के उपर कई अलग तरह के बैक्टीरिया प्रकट हुए.

औसतन यह देखा गया कि कैंडल के फूंकने से बैक्टीरिया में 14 गुना की बढोतरी हो गई. एक मामले में तो इसमें 120 गुना की बढोतरी हुई. यह इस बात का परिचायक है कि व्यक्ति विशेष की फूंक से बैक्टीरिया की तादाद में अपेक्षाकृत कम या ज्यादा की बढोतरी हो सकती है. लेकिन अगर आप यह जानकारी पढ़कर अगर परेशान हो रहे हैं और जन्मदिन पार्टी मनाने या पार्टी में जाने या केक से दूरी बनाकर रखने का फैसला लेने जा रहे हैं तो प्लीज ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है. इस खबर पर आप गौर फरमाएं. इससे आपको राहत पहुंच सकती है.

डॉ. पॉल डाउसन ने कहा है कि फूंक मारने के बाद केक पर छा जाने वाले ज्यादातर बैक्टीरिया हानिकारक नहीं होते हैं. घातक तो बिल्कुल ही नहीं. ऐसे में आप पहले की तरह जमकर केक का लुत्फ उठा सकते हैं. आप आश्वस्त रहें कि इस केक को खाकर आप बीमार तो कतई नहीं पड़ने वाले हैं. कहने का मतलब साफ है कि इससे आपको डरने की जरूरत नहीं है.

केक पर मोमबत्ती जलाइए, फूंक मारिए, जमकर केक खाइए और दूसरों को खिलाइए भी.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*