मरणासन्न युवती के लिए देवदूत बन सामने आये रजनीकांत

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खगड़िया (मनीष कुमार) : ट्रेन दुर्घटना में अपना पैर गंवा चुकी रिंकू कुमारी आज इस दुनियां में शायद ना होती यदि रजनीकांत सरीखे लोग देवदूत बन कर सामने नहीं आते. दरअसल मंगलवार की शाम ट्रेन दुर्घटना में दोनों पैर कट जाने के बाद एक अंजान लड़की को पुलिस लाइन के मेजर संतोष सिंह एवं पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष गुंजन कुमार के सहयोग से सदर अस्पताल लाया गया. जिंदगी और मौत से जूझ रहीं उस लड़की को सदर अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने भागलपुर के मायागंज हॉस्पिटल रेफर कर दिया.

उस वक्त उस लड़की का किसी को ना तो नाम पता था और ना ही ठिकाना. ऐसे में छात्र नेता रजनीकांत ने इंसानियत दिखाते हुए बेसुध पड़ी घायल लड़की के साथ ना सिर्फ भागलपुर गये बल्कि उनके इलाज के लिए हर संभव प्रयास किया. अपने साथी अजीत कुमार सोनू के माध्यम से उन्हें वहां एक यूनिट ब्लड उपल्ब्ध कराई व चिकित्सकिय व्यवस्थाओं में जी-जान से लगकर लड़की को मौत के मुंह से खीच कर बाहर ले आये. इस बीच सोशल साइट सहित अन्य माध्यमों से इस लड़की के परिजनों की खोज होती रही.

घटना के दूसरे दिन उस लड़की की पहचान जिले के अलौली थाना क्षेत्र अंतर्गत आनंदपुर परास निवासी सचिदानंद यादव की पुत्री रिंकी कुमारी के रूप में हुई. मामले की सूचना पर उनके परिजन भी मायागंज अस्पताल पहुंचे. फिलहाल रिंकी की स्थिति खतरे से बाहर है.

दूसरी तरफ रजनीकांत की पहल समाज को एक नई दिशा दे गई. अपनी दोनो पैर गंवा चुंकी रिंकी के सहायता के लिए अब तो 72 हाथ खड़ा दिखाई देने लगा हैं. लेकिन घटनाक्रम के नाजुक मोड़ पर रजनीकांत ने जो जीवटता दिखलाई है उसकी तुलना आज उस लड़की को मिलने वाली किसी भी बड़ी सहायता से नहीं की जा सकती है.

इस बीच जिले के परबत्ता प्रखंड के खजरैठा निवासी पूर्व जिला परिसद सदस्य पंकज कुमार राय ने रिंकी से अस्पताल में मुलाकात कर उन्हें इलाज का खर्च सहित कृत्रिम पैर दान करने की बातें कही है. इलाजरत लड़की के लिए कुछ और सहायता की भी खबरें आ रही है. लेकिन रजनीकांत की पहल को ना सिर्फ पीड़ित लड़की व उसके परिजन बल्कि कोई भी सभ्य समाज कभी नहीं भुला सकता.

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