मर्कट आसन को करें दिनचर्या में शामिल, इन परेशानियों से मिलेगी राहत

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क: आजकल लोगों के जिंदगी जीने और काम करने का तरीका काफी बदल गया है. ज्यादातर काम बैठकर करने वाले होते है. फिर वो डेस्क जॉब हो या कुछ और, जिसकी वजह से कमर दर्द के साथ ही पेट के आसपास के हिस्सों में चर्बी जमा होने लगती है. जिसकी वजह से ये शारीरिक परेशानी का कारण भी बनता है. वहीं कमर के आसपास की चर्बी देखने में भद्दी भी लगती है. लेकिन अगर आप दर्द के साथ ही चर्बी से छुटकारा पाना चाहते हैं तो रोजाना मर्कट आसन को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें.

मर्कट आसन: मर्कट का अर्थ बंदर होता है, इसलिए इस आसन को बंदर आसन भी कहा जाता है. ये आसन करते समय शरीर का आकार बंदर जैसा हो जाता है. यह आसन कमर दर्द और पेट की चर्बी घटाने के लिए काफी लाभकारी होता है. इसे करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है, हाथ-पैरों और कमर का दर्द और मोटापा काम होता है.



पहले पीठ के बल लेटकर दोनों हाथों को कमर से नीचे रखें. दोनों पैरों को जोड़कर घुटनों से मोड़ लें. अब कमर से नीचे के हिस्से को ट्विस्ट करते हुए पैरों को एक बार दाईं तरफ बगल में जमीन पर टिका दें. इस अवस्था में सर को उसकी उलटी दिशा में रखते हैं. इस आसन को 10 से 20 सेकेंड से शुरू करते हुए टाइमिंग बढ़ानी है.  

जमीन पर सीधे लेट जाएं. दोनों पैरों के बीच फासला रखें और और उन्हें घुटनों से मोड़ लें. अब बायां घुटना बगल में जमीन पर टिका दें और दायां घुटना बायें पैर के अंगूठे पर रख दें. इस अवस्था में सिर को विपरीत दिशा में घुमाकर रखें.

जमीन पर सीधे लेट जाएं. दाहिने पैर को कमर से सीधा उठाते हुए बायीं तरफ जहां तक हो सके लेकर जाएं. इसे करने की आदर्श स्थिति में दाहिने पैर से बायें हाथ को जमीन पर रखते हुए छूना है. इसी तरह दूसरे पैर से भी करना है. इस आसन को करते समय गर्दन विपरीत दिशा में रखनी है.

मर्कट आसन करने से पीठ के दर्द में राहत मिलती है और रीड की हड्डियों का रोग दूर होता है. सर्वाइकल, पेट दर्द, गैस, कमर दर्द, अपचयन, कूल्हों के दर्द, अनिद्रा थकान में मर्कट आसन बहुत ही लाभदायक है. इसके साथ ही मर्कट आसन करने से हमारे गुर्दे, अग्नाशय और लीवर सक्रिय हो जाते हैं.