संसद में बच्ची को कराया स्तनपान, मां ने रचा इतिहास…

breastfeeding in parliament

लाइव सिटीज डेस्क : मां बनने का सुख एक मां ही महसूस कर सकती है. बच्चे को कोई तकलीफ नहीं हो, इसलिए शुरुआती दौर में मां को आराम करने की सलाह दी जाती है. सरकार की ओर से भी ध्यान रखा जाता है. मां को इसके लिए मैटरनिटी लीव दी जाती है. लेकिन एक ऐसी मां भी है जिन्हें बच्चे के साथ ही अपने काम से ही उतना ही लगाव है. यही कारण है कि वे बच्चे के जन्म के ढाई माह बाद ही अपने काम पर लौट आयीं. आइए पढ़ते हैं पूरी रिपोर्ट :

जी हां, यह मामला है आस्टेलिया की महिला सांसद लैरिसा वॉटर्स का. उन्होंने लगभग ढाई माह पहले एक बेटी को जन्म दिया और वे काम पर लौट आयीं. इतने कम दिनों में काम पर लौटकर लैरिसा ने पूरे संसद को चौंका दिया. साथ ही संसद में ही अपनी बच्ची को स्तनपान भी कराया. लैरिसा ने संसद में स्तनपान करा कर इतिहास ही नहीं रचा, बल्कि देश दुनिया को एक मैसेज देने का भी काम किया.

बताया जाता है कि लैरिसा वॉटर्स संसद में नवजात बेटी को स्तनपान कराने वाली पहली महिला बन गयी हैं. मालूम हो कि लैरिसा ग्रीन्स पार्टी की एमपी हैं. लैरिसा संसद में स्तनपान करा कर काफी खुश है और इस खुशी के पल को ट्विटर पर शेयर किया है. उन्होंने लिखा है कि मुझे गर्व है कि मेरी बेटी आलिया फेडरल ससंद में पहली स्तनपोषित बच्ची है. सभी कामकाजी महिलाओं को इसे अपनाने की जरूरत है. इतना ही नहीं, लैरिसा ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल में भी अपनी बच्ची को दूध पिलाने वाली तस्वीर लगायी है.

breastfeeding

गौरतलब है​ कि पुराने नियमों के चलते बच्चों (संसद में लाने पर प्रतिबंध) पर तकनीकी रूप से रोक थी. वॉटर्स ने यह लिखा है कि वर्ष 2003 में विक्टोरियन एमपी कर्स्टी मार्शल को अपनी 11 दिन की बच्ची को स्तनपान कराने के चलते स्टेट पार्लियामेंट से बाहर निकाल दिया गया था. वहीं वर्ष 2016 में ऑस्ट्रेलिया की पार्लियामेंट ने नियम में बदलाव किया. पार्लियामेंट के वातावरण को फैमिलीयर बनाने के मकसद से ऐसा किया गया. यहां संसद में स्तनपान कराने की छूट दी गयी.

बता दें कि संसद में स्तनपान कराने का नियम स्पेन और यूरोपियन पार्लियामेंट में पहले से ही है.

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