ये बाइक बजाज, हीरो या कोई भी बड़ी कंपनी लॉन्‍च नहीं करेगी, भारत की छोटी कंपनी बना रही है इसे

लाइव सिटीज डेस्क : लोहिया ग्रुप की वाहन बनाने वाली इकाई लोहिया ऑटो की 2021 तक एक नया कारखाना लगाने की योजना है, जिसमें वह 100 करोड़ रुपए तक का निवेश कर सकती है. कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में उसके वाहनों की मांग और बढ़ेगी.



लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के सीईओ आयुष लोहिया ने कहा कि कंपनी अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो को भी दोगुना कर लगभग 20 मॉडल करना चाहती है, जिसमें एक ई-बाइक शामिल होगी. लोहिया ने कहा कि नए विनिर्माण कारखाने में 100 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है, जो कि 2021 तक अस्तित्व में आएगा.

नए कारखाने में इलेक्ट्रिक व डीजल दोनों तरह के वाहन बनेंगे

उन्होंने कहा कि कंपनी प्रस्तावित नए कारखाने के लिए तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के साथ बात कर रही है. नए कारखाने में इलेक्ट्रिक व डीजल दोनों तरह के वाहन बनेंगे. कंपनी का मौजूदा कारखाना काशीपुर में है, जहां वह दोपहिया व तिपहिया वाहन बनाती है. इसकी क्षमता एक लाख इकाई सालाना है.

ट्रायंफ मोटरसाइकिल्स की बिक्री बढ़ाने के लिए छोटे शहरों पर निगाह

​महंगी मोटरसाइकिल बनाने वाली ब्रिटेन की कंपनी ट्रायंफ मोटरसाइकिल की भारत के छोटे शहरों पर निगाह है और उसे उम्मीद है कि अगले साल देश में उसकी कुल बिक्री का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा ऐसे शहरों से आएगा. कंपनी 2018 में अपनी बिक्री में दहाई अंक की वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है. कंपनी अगले साल कम से कम चार नए उत्पाद पेश करेगी.

साल के आखिर तक ट्रायंफ मोटरसाइकिल इंडिया की बिक्री 10-12 प्रतिशत बढ़कर 1300 इकाई 

ट्रायंफ मोटरसाइकिल इंडिया के प्रबंध निदेशक विमल सुंबली ने कहा कि अगले साल के लिए हमारा लक्ष्य यही है कि कुल बिक्री का 10-15 प्रतिशत हिस्सा तो गैर महानगरीय यानी टियर-टू शहरों से आना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस समय यह हिस्सा 7-8 प्रतिशत है. उन्होंने कहा​ कि डिजिटल माध्यमों के विस्तार से कंपनी की नए ग्राहकों तक पहुंचने में मदद मिली है. सुंबली ने कहा कि इस साल के आखिर तक ट्रायंफ मोटरसाइकिल इंडिया की बिक्री 10-12 प्रतिशत बढ़कर 1300 इकाई से अधिक रहने की उम्मीद है.