OMG! भारत के इस शहर के तालाब में डूबी है 1000 साल पुरानी रियासत, पानी के नीचे बसा है पूरा शहर

लाइव सिटीज डेस्क : दुनिया में कई तरह के राज आज भी छिपे हैं जिसके बारे में कम ही लोगों को पता है. ज्यादातर साहित्यकारों को इसके होने का अंदाजा है लेकिन वे भी इसे पक्का नहीं कर पाते हैं. ऐसा ही एक राज छिपा है भारत के मध्य प्रदेश राज्य में जहां की राजधानी भोपाल के बड़े तालाब के भीतर सवा सौ फुट सिल्ट के नीचे एक पूरे का पूरा शहर होने का अनुमान लगाया गया है. इसे ऐतिहासिक विरासत के रूप में देखा जा रहा है.



नेशनल मॉन्युमेंट्स अथॉरिटी (एनएमए) की चेयरपर्सन सुस्मिता पांडे का कहना है कि बड़े तालाब में डूबे अवशेषों के प्रभावी प्रमाण हैं. सेटेलाइट सर्वे से भोपाल का अनजाना अध्याय खुलेगा। यह देश की अनूठी अंडरवॉटर खोज होगी. महापौर आलोक शर्मा ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर को सौंपे एक प्रस्ताव में भोपाल को ह्दय योजना में शामिल करने की जरूरत बताई है ताकि प्राचीन विरासत को सहेजा जा सके.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोलॉजी, नगर निगम और विज्ञान भारती की पहल पर एक से तीन दिसंबर तक भोपाल में एक सेमिनार हुआ. इसका विषय था -राजा भोज और उनका स्थापत्य. पहली बार बड़े तालाब में डूबे शहर के अवशेषों पर चर्चा हुई. इसमें कई देशों के ऐसे विशेषज्ञ आएंगे, जो राजा भोज की विरासत के जानकार हैं.

सबूत हैं दो बुर्ज और दीवारें

दो पहाड़ियों के बीच कोलांस नदी का प्राचीन बहाव है. इस समय एक पहाड़ी पर बोट क्लब है. सामने दूसरी पर वीआईपी रोड. राजा भोज ने एक हजार साल पहले इसी बहाव पर बांध बनाया। कमला पार्क और पुराने शहर को जोड़ने वाला रोड इसी बांध पर है. वर्ष 2011 में राजा भोज की प्रतिमा जिस बुर्ज पर स्थापित हुई, वह और तालाब के भीतर जाती एक पूरी दीवार इस विरासत के सबूत हैं. अगर वीआईपी रोड की ओर से इनकी खोजबीन शुरू होती है तो बुर्ज के आगे ही प्राचीन संरचनाएं दिखना शुरू हो जाएंगी.

भोज ने बड़ा तालाब क्यों बनवाया था?

बीच तालाब से यहां जलस्तर करीब 30 फुट है. इसके नीचे हजार साल में करीब सवा सौ फुट मोटी सिल्ट जमा है. सबसे नीचे ये अवशेष हैं. भोजपुर मंदिर के सामने भोज ने भीमकुंड बनवाया था, विस्तार करीब 600 वर्ग किमी था. मंडीदीप उसमें द्वीप की तरह था. उसे भरने के लिए कोलांस पर बांध बना.

रिसर्चर संगीत वर्मा के अनुसार कई घाट, मंदिर और इमारतें तालाब के भीतर हैं, जो भोज का बांध बनने के पहले नदी के किनारे विकसित थे. सेटेलाइट इमेज में वीआईपी रोड के समांतर कई चौकोर रचनाएं पानी में अब भी साफ नजर आती हैं.

पुरातत्वविद् पूजा सक्सेना ने तालाब के आसपास 15 बुर्ज चिह्नित किए. उनका मानना है कि डूबे हुए अवशेष गोंड कालीन हो सकते हैं, क्योंकि भोज के समय तालाब का जलस्तर कम था.