ये हैं महाभारत के शूरवीर श्रीकृष्ण से लेकर भीम, अर्जुन तक के शंख, जानें किस नाम के थे शंख

लाइव सिटीज डेस्क : महाभारत में अनेक शूरवीरों का वर्णन है और हर वीर ने अलग-अलग प्रकार के अस्त्र-शस्त्र और शंख का प्रयोग किया है. यहां हम आपको महाभारत के शूरवीरों द्वारा व्यवहार किए गए शंखों के नाम बताएंगे. हिंदू धर्म में शंख को बहुत पवित्र माना गया है और इसका बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है. शंख समुद्र में पाया जाता है और प्रत्येक शुभ अवसर पर इसे बजाया जाना शुभ माना जाता है. भगवान विष्णु के दाहिने हाथ मे शंख को उर्जा के प्रतीक के रूप में माना जाता है.

शंख को अनादि काल से ही महत्वपूर्ण माना जाता रहा है. शंख नाद को इस दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ध्वनियों में से एक माना गया है. इससे ही महाभारत युद्ध की शुरुआत हुई थी. शंख को न केवल हिंदुओं, बल्कि जैन, बौद्ध आदि सम्प्रदायों में भी महत्वपूर्ण माना गया है.

यह भी मान्यता है कि अगर शंख को पानी में रख दिया जाए तो वह पानी गंगा जल के समान पवित्र हो जाता है. शंख के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महाभारत के एक राजा विराट के एक पुत्र का नाम भी शंख ही था. महाभारत के युद्ध में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास अपना-अपना शंख था और वे सभी अपने-अपने शंख के साथ ही युद्ध के मैदान में उपस्थित हुए थे.

शूरवीरों के शंखों के नाम
1. श्रीकृष्ण के शंख को पाञ्चजन्य के नाम से जाना जाता है. इस शंख को बजाकर ही उन्होंने महाभारत की शुरुआत की थी. महाभारत में इस शंख का सबसे अधिक महत्व बताया गया है.
2. भीम के शंख का नाम पौंड्र था

3. वहीं अर्जुन का शंख देवदत्त के नाम से मशहूर था.
4. महाराज युधिष्ठिर, जो कि पांचो पांडवों में सबसे बड़े थे – उनके शंख का नाम अनंतविजय था.
5. पांडवो में सबसे छोटे पाण्डव सहदेव के शंख का नाम मणिपुष्पक था.
6. नकुल के शंख को सुघोष कहा जाता था.
7. इसके अलावा कुंती पुत्र कर्ण या दानवीर कर्ण के शंख का नाम हिरण्यगर्भ था.
8. राजा दुर्योधन के शंख का नाम विदारक था.

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