Wipro कंपनी में मैनेजर की नौकरी छोड़ बंजर जमीन पर शुरू की कीवी की खेती, आज कमा रहे लाखों

लाइव सिटिज डेस्क : आजकल लोग सरकारी नौकरी या फिर प्राइवेट नौकरी की ओर कम जाना चाहते हैं और अपना रोजगार करना ज्यादा सही समझते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स से मिलवाने जा रहे हैं जो अपनी नौकरी छोड़ कर हिमाचल के जिला सोलन के शिल्ली गांव में कीवी की खेती कर रहे हैं. यहां की किवी को पूरे देश में पसंद किया जा रहा है. हिमाचल से एक्सपोर्ट क्वालिटी की कीवी तैयार कर देशभर में मिसाल बन रहे मनदीप वर्मा की करामात कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.

जी हां, हम बात कर रहे हैं खाने में लजीज और पाचन तंत्र समेत शारीरिक ऊर्जा देने वाले फल किवी के बारे में जो मनदीप के लिए सफलता का नया आधार बन चुका है. बता दें कि मनदीप एमबीए करने के बाद विप्रो कंपनी में मैनेजर पद पर कार्यरत थे. लेकिन उन्हें नौकरी रास नही आई और नौकरी छोड़ बंजर जमीन पर कीवी की पैदावार में जुट गए. परिवार के सदस्यों और बागवानी विशेषज्ञों के सहयोग से आज मनदीप अपनी वेबसाइट से देशभर में कीवी बेच रहे हैं.

14 बीघा बंजर जमीन पर तैयार किया बगीचा

उनकी पत्नी सुचेता वर्मा कंपनी सचिव हैं. साढ़े सात वर्ष पहले उन्होंने घर के पास बंजर जमीन पर बागवानी का विचार किया. इसके लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ी और गांव लौट आए. उनके पिता राजेंद्र वर्मा, माता राधा वर्मा ने कीवी की खेती में उनका पूरा सहयोग दिया.

सोलन के बागवानी विभाग और डा. यशवंत सिंह परमार यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों से बात करने के बाद उन्होंने विशेषज्ञों की सलाह पर मध्यपर्वतीय क्षेत्र में कीवी का बाग तैयार करने का मन बना लिया. उन्होंने 14 बीघा जमीन पर कीवी का बगीचा लगाया.

कीवी की उन्नत किस्में एलिसन और हैबर्ड के पौधे ही लगाए. करीब 14 लाख रुपए से बगीचा तैयार करने के बाद मनदीप ने वेबसाइट बनाई. मनदीप के मुताबिक बाग से उत्पाद सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाने की उनकी कोशिश कारगर साबित हुई.

350 रुपए प्रति बॉक्स बिक रहा कीवी

कीवी की सप्लाई वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग के बाद की जाती है. कीवी ऑनलाइन हैदराबाद, बंगलूरू, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बेचा जा रहा है. डिब्बे पर कब फल टूटा, कब डिब्बा पैक हुआ सारी डिटेल दी जा रही है. एक डिब्बे में एक किलो किवी पैक होती है और इसके दाम 350 रुपए प्रति बॉक्स है. जबकि सोलन में कीवी 150 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है.

हिमाचल में है कीवी की अपार संभावना

डा. वाईएस परमार यूनिवर्सिटी नौणी में कीवी पर दशकों से काम कर रहे विशेषज्ञ डा. विशाल राणा ने बताया कि शिल्ली गांव के मनदीप वर्मा कीवी की ऑनलाइन बिक्री कर रहे हैं. उनकी पैकिंग और ग्रेडिंग भी एक्सपोर्ट क्वालिटी की है. उन्होंने कहा कि देश में कीवी की शुरुआत हिमाचल प्रदेश से हुई है. आज देश के कुल कीवी उत्पादन का 60 फीसदी कीवी अरुणाचल प्रदेश तैयार कर रहा है.

सिक्किम, मेघालय में भी कीवी की बागवानी की जा रही है. हिमाचल में कीवी उत्पादन की अपार संभावना है. सरकार कीवी को बढ़ावा देने के लिए 50 फीसदी सब्सिडी दे रही है. हिमाचल में अभी करीब 150 हेक्टेयर भूमि पर ही कीवी उगाई जा रही है.

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