OMG! दुनिया की सबसे महंगी सब्जी है ये, बाजार में 76,000 रुपए प्रति किलो बिकती है

लाइव सिटीज डेस्क : आजकल सब्जियों के दाम इस प्रकार महंगी हो रही हैं कि जिन्हें खरीदने के लिए आपको अपनी जेब ढ़ीली करनी पड़ जाती है. सब्जियों में आजकल ऑर्गेनिक खेती के द्वारा उपजाए हुए सब्जी की डिमांड ज्यादा देखने को मिल रही है लेकिन उसे सभी लोग खरीद नहीं पा रहे हैं. ऑर्गेनिक स्ट्रॉबेरी, रस्पबेरी और ब्लूबेरी खरीदने के लिए बहुत पैसे खर्च करने पड़ते हैं.



एक और सब्जी है जो इनसे ज्याजा कीमत वाली है और वो है हिमालय के क्षेत्रों में होने वाली सब्जी गुच्छी जिसकी कीमत भी 30 से 40 हजार रुपये किलो होती है लेकिन ये सब्जी फंगी समूह की होती है. हम आपको बता रहे हैं एक ऐसी सब्जी के बारे में जो इनसे भी दोगुनी से ज़्यादा महंगी है. आप सोचिए क्या है वो सब्जी.

हम जानते हैं कि शायद आपको भी नहीं पता. चलिए हम ही बता देते हैं. वह सब्जी है हॉप शूट्स. हॉप पौधे की नई टहनियां, जो दिखने में शतावरी (एस्पैरेगस) जैसी होती हैं. (हालांकि यह कहना मुश्किल है कि कौन सा सब्जी सबसे महंगा है, क्योंकि सब्जियों की कीमत का पता लगाने के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मूल्य सूचकांक नहीं है) हॉपशूट्स डॉट कॉम के मुताबिक, यूनाइटेम किंगडम के एक टॉप सप्लायर ने हॉप शूट्स को 1000 यानि कि लगभग 76,000 रुपये प्रति किलो में बेंचा है.

हॉपशूट सिर्फ बसंत के मौसम में होती है. बहुत कम समय के लिए इन्हें काटा और खाया जा सकता है क्योंकि ये जंगल में होती है और जल्दी ही इसकी टहनियां मोटी हो जाती हैं जिसके बाद इसे नहीं खाया जा सकता. हॉप के फूल से बिल्कुल अलग हॉप शूट्स खाने में बिल्कुल कड़वी नहीं होती, यहां तक कि कच्ची भी. इसकी लोग सब्जी बनाते हैं और अचार भी डालते हैं.

क्या हैं हॉप शूट्स

हॉप शूट, हॉप पौधे के नए बढ़ते सिरे होते हैं, जो एक बारहमासी पौधा है. इसके सिरे ठंड में कोहरे से मर जाते हैं लेकिन जैसे ही मार्च में ज़मीन गर्म होने लगती है ये सिरे फिर से निकलने लगते हैं. उगते समय इनका रंग बैंगनी होता है लेकिन कुछ ही समय बाद ये बदलकर चमकीले हरे हो जाते हैं. कुछ नमी और धूप के मिलते ही ये पौधे तेज़ी से बढ़ते हैं, यहां तक कि एक दिन में 6 इंच तक. मार्च के कुछ हफ्तों तक हॉप शूट्स से बहुत स्वादिष्ट सब्ज़ी बनती है.

स्वास्थ्य के लिए भी है फायदेमंद

कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को रोकने में भी मदद मिलती है

वुमेन फिटनेस डॉट नेट के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने इसमें एक ऐसे रसायन की खोज की है जिससे रजोनिवृत्ति यानि मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में मददगार होता है. यही नहीं, इससे कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को रोकने में भी मदद मिलती है.

किंग्स कॉलेज लंदन में प्रोफेसर स्टुअर्ट मिलिगन की एक शोध टीम की अगुआई में हॉप शूट्स में होपिन नामक एक हार्मोनली एक्टिव पदार्थ की खोज की (तकनीकी रूप से 8-प्रेनिलाइनिंगेनिन कहा जाता है), जो सबसे शक्तिशाली फाइटो ऑस्ट्रोजेंस में से एक है. इन रसायनों में महिला हार्मोन एस्ट्रोजन के समान संरचनाएं होती हैं और इनका प्रभाव भी लगभग वैसा ही होता है.

हॉप शूट्स अनिद्रा को दूर करने में भी सहायक होता है

हॉप शूट्स अनिद्रा को दूर करने में भी सहायक होता है. जिन लोगों को रात में अच्छी नींद नहीं आती, इंग्लैंड में उन लोगों को डॉक्टर हॉप से भरी हुई तकिया लगाने की सलाह देते आ रहे हैं. होप्स के अर्क को पीने से भी नींद न आने की समस्या दूर होती है. जड़ी बूटी और पौधे की दवाओं से संबंधित मामलों के अध्ययन के लिए जर्मन फेडरल हेल्थ एजेंसी के आयोग ई ने 1978 में स्वतंत्र रूप से समीक्षा की और कहा कि नींद की समस्याओं, बेचैनी और चिंता को दूर करने में हॉप्स फायदेमंद है.

हॉप्स पाचन में भी सहायक होता है. भूख को बढ़ाने, पाचन को सही करने व शराब को छुड़ाने के लिए पारंपरिक चीनी चिकित्सा और मूल अमेरिकी चिकित्सा दोनों में सदियों से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. चीन के चिकित्सक टीबी यानि क्षय रोग का इलाज़ करने के लिए भी एंटीबायोटिक के रूप में हॉप्स का इस्तेमाल करते हैं.