ये है भारत का सबसे खतरनाक राज्य, यहां जो भी जाता है उसे रहती है कई चिंता

लाइव सिटीज डेस्क : भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है. यहां थोड़ी-थोड़ी दूरी पर भाषाएं, रहन-सहन और खानपान बदल जाता है. देश में एक राज्य ऐसा भी है, जहां ऐसी प्रथाएं और मान्यताएं हैं जो देश के अन्य राज्यों से बिल्कुल अलग हैं. हम बात कर रहे हैं ‘नागालैंड’ की. इस राज्य की जनसंख्या किसी बड़े प्रदेश के एक जिले के बराबर ही है.



इस राज्य में बहुत ज्यादा विविधता पाई जाती है. यहां के लोग बहुत ज्यादा खतरनाक होते हैं, इसलिए इस राज्य में जाने से पहले आपको इसके बारे में कुछ जरूरी बातें जान लेनी जरूरी हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत के पूरब में बसे नागालैंड में बहुत से लोग किसी भाषा में या बोलकर बात नहीं करते हैं.

यहां की कुल जनसंख्या 19 लाख है जोकि देश के अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम है. धर्म की बात करें, तो यहां के 80 फीसदी लोग इसाई धर्म का पालन करते हैं, जबकि हिन्दू 8.50 फीसदी और मुस्लिम केवल 2.50 फीसदी ही हैं. यहां सौ से अधिक जनजाति निवास करती हैं. वास्तव में यहां हर जनजाति की अपनी अलग-अलग भाषाएं होती हैं, यही कारण है कि इस राज्य में कोई एक भाषा नहीं बोलता है. यहां पर सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा ‘आओ’ है, जिसमें केवल 12 फीसदी लोग ही बात करते हैं.

यहां के अधिकतर लोग अपने पैरों में कड़ा पहनते हैं. ऐसा माना जाता है कि इससे उन्हें पेड़ों पर चढ़ने में आसानी होती है. यहां की संस्कृति के अनुसार अधिकतर लोग रंग-बिरंगी चादर भी पहनते हैं. वास्तव में यहां कि कुछ जनजाति नरभक्षी भी हैं. इस राज्य के लोगों के बारे में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि वे कुत्ते का मांस भी खाते हैं.

बेशक यह बात आपको परेशान कर सकती है लेकिन यहां के लोग बड़े शौक से कुत्ते के मांस का आनंद लेते हैं. वास्तव में कुत्ते का मांस खाना सदियों से चली आ रही प्रथा का हिस्सा माना जाता है.

अगर आप ऐसा सोचते हैं कि इस राज्य के लोग बहुत पिछड़े हुए हैं और यहां शिक्षा का कोई महत्व नहीं है, तो आप बिल्कुल गलत है. आपको बता दें कि यहां शिक्षा का प्रतिशत पहले की तुलना में काफी बढ़ा है. यहां शिक्षा का प्रतिशत 80 से बढ़कर 85 हो गया है, जोकि देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है.

नागालैंड के 80 फीसदी लोग कृषि से जुड़े हुए हैं और सबसे मजे की बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर कृषि से जुड़े होने के बावजूद यहां के अधिकतर लोगों को सब्जियां खाना पसंद नहीं है. बेशक बिहार राज्य में शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है लेकिन नागालैंड की बात करें, तो यहां व्हिस्की, रम और बियर पर प्रतिबंध नहीं है लेकिन अन्य तरह की शराब पर प्रतिबंध है.