धक-धक गर्ल माधुरी की हमशक्ल है ये एक्ट्रेस, मजबूरी में छोड़ना पड़ गया था बॉलीवुड इंडस्ट्री

लाइव सिटीज डेस्क : हिंदी सिनेमा की एक अलग पहचान हैं अभिनेत्री माधुरी दीक्षित. जिन्हें आज भी दर्शक बड़े पर्दे पर देखने के लिए आतुर हैं. माधुरी दीक्षित सिर्फ एक अदाकारा ही नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा की डांसिंग डिवा भी हैं. बॉलीवुड में उन्हें लोग धक-धक गर्ल के नाम से जानते हैं. उस वक्त माधुरी का ऐसा क्रेज था कि हर कोई माधुरी की तरह दिखने के लिए तरह-तरह के मेक अप का सहारा लेते थे. इस बीच एक ऐसी भी अदाकारा थीं जो माधुरी की हमशक्ल हैं.



किसी कारण वस उन्हें बॉलीवुड इंडस्ट्री को छोड़ना पड़ गया था. इनका नाम निक्की अनेजा है जो माधुरी की तरह दिखती हैं. निक्की अनेजा टेलीविजन शो ‘इश्क गुनाह’ से कम बैक किया है. शो में ये ‘लैला राय चंद’ के रोल में हैं. शो के प्रमोशन के लिए राजधानी पहुंची निक्की अनेजा ने एक हिंदी वेबसाइट से बातचीत में कुछ पर्सनल बातें शेयर की.

एक्ट्रेस नहीं, बल्क‍ि पायलट बनना चाहती थी ये लड़की

निक्की कहती हैं, ”साल 1992 में मैंने एक मॉडलिंग शो में पार्ट‍िसिपेट किया था, जिसका नाम था मिस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी. उस समय मैं कॉलेज में थी, शो की ग्रूमिंग के लिए मुझे कोरिया भेजा गया. मैं सेकंड रनरअप रही. वहीं से मेरी जर्नी शुरू हुई. हालांकि, मैं कभी एक्टिंग नहीं करना चाहती थी, मैं पायलट बनना चाहती थी. मैंने फ्लाइंग क्लब मुंबई में 72 घंटे फ्लाइंग की है. आगे की ट्रेनिंग के लिए टेक्सास जाना चाहती थी, लेकिन पापा ने फंड देने से मना कर दिया.”

”पापा बोले कि वो रिस्क नहीं ले सकते और मेरा वो ड्रीम वहीं टूट गया. इसके बाद मैं अपने भाई परमीत सेठी के पास चली गई. वो हमेशा कहता था कि बहन तू इतनी लंबी, सुंदर है, एक्टिंग कर ले. लेकिन मैं हमेशा मना कर देती.”

”इसके बाद मैंने पोर्टफोलियो करने का मन बनाया. मैं मॉडलिंग नहीं, बल्क‍ि उससे पैसे कमाना चाहती थी, ताकि अमेरिका जाकर फ्लाइंग की ट्रेनिंग कम्प्लीट कर सकूं. मैं पहले पोर्टफोलियो करके निकली ही थी कि दूसरे पोर्टफोलियो का ऑफर आ गया. पहले ऐड के लिए मुझे 8 हजार रुपए मिले. उसके बाद तो ऐड की लाइन लग गई. पैसे भी अच्छे मिलने लगे, घूमने लगी और मुझे मॉडलिंग से प्यार हो गया. बस मुझे मेकअप पसंद नहीं था.”

मजबूरी में छोड़नी पड़ी थी इंडस्ट्री

“मेरा बैकग्राउंड भी फिल्मी था, पापा का अंधेरी (मुंबई) में एक स्टूडियो था, जिसका नाम था सेठ स्टूडियो. वह अपने दौर का इकलौता एयर कंडीशन स्टूडियो था. एक दिन मुझे पहलाज निहलानी की कॉल आई और उन्होंने मुझे फिल्म में एक्ट‍िंग का ऑफर किया. मैंने पापा से पूछा तो उन्होंने मना कर दिया. उन्होंने कहा, मैं इसी इंडस्ट्री का हिस्सा रहा हूं, ये जगह सही नहीं है. लेकिन मैंने पापा को बोला कि एक कोशिश करने दीजिए, समझ नहीं आएगा तो नहीं करुंगी. मैंने पहली फिल्म ‘मिस्टर आजाद’ की। पहली फिल्म से ही मुझपर माधुरी दीक्ष‍ित की हमशक्ल होने का ठप्पा लग गया.”

“उसके बाद मुझे ‘यस बॉस’ का ऑफर मिला. उसी दौरान पापा की डेथ हो गई. मैं सीधे यस बॉस के प्रोड्यूसर रतन जैन के पास गई और उनसे कहा कि सर आप अपना पैसा वापस ले लीजिए, फिल्म नहीं कर पाऊंगी. वो बोले शूटिंग होने वाली है, तेरे अंदर बहुत स्किल है, लेकिन मैंने सोच लिया था कि फिल्म नहीं करुंगी. पापा की डेथ के बाद मैं एकदम से असुरक्ष‍ित महसूस करने लगी थी कि कहीं मेरे साथ कुछ गलत न हो.

”सुनती थी कि इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच और हैरेसमेंट वाले केसेस बहुत होते हैं और मेरे साथ कुछ इसलिए नहीं हुआ क्योंकि पापा साथ थे. इससे पहले की कुछ गलत
होता मैंने इंडस्ट्री छोड़ दी.”

कुछ ऐसा रहा इनका करियर

26 सितम्बर 1972 को मुंबई में जन्मी निकी की शादी 2002 में सोनी वालिया से हुई थी. उसी साल ये पति के साथ यूके में शिफ्ट हो गईं. इनके 2 बच्चे हैं. 1994 में सबसे पहली फिल्म मिस्टर आजाद की, जिसमें ये इंस्पेक्टर शालू के रोल में थीं. इसके बाद साल 2000 में चॉकलेट फिल्म में लीड रोल में रहीं. इन्होंने कई सीरियल में भी काम किया है. 1995 में टीवी शो बात बन जाए में इन्होंने निकी का रोल निभाया था.