होली के अवसर पर स्त्री हो या पुरुष, भूल कर भी न करें ये 4 गलतियां

लाइव सिटीज डेस्क : वैसे तो हर त्यौहार का अपना एक रंग होता है जिसे आनंद या उल्लास कहते हैं लेकिन हरे, पीले, लाल, गुलाबी आदि असल रंगों का भी एक त्यौहार पूरी दुनिया में हिंदू धर्म के मानने वाले मनाते हैं. यह है होली का त्यौहार इसमें एक और रंगों के माध्यम से संस्कृति के रंग में रंगकर सारी भिन्नताएं मिट जाती हैं और सब बस एक रंग के हो जाते हैं.

2 मार्च यानि आज होली खेली जाएगी. शास्त्रों के अनुसार होली का महत्व काफी अधिक है. इस दिन किए गए शुभ काम से दुर्भाग्य दूर हो सकता है और गलत कामों की वजह से जीवन में परेशानियां भी बढ़ सकती हैं.

इसीलिए होली पर अशुभ कामों से बचना चाहिए. गीता प्रेस गोरखपुर में प्रकाशित संक्षिप्त गरुड़ पुराण अंक के आचार कांड के अनुसार 4 ऐसे अशुभ काम, जो स्त्री या पुरुष दोनों को नहीं करना चाहिए. खासतौर पर विशेष तिथि और पर्वों पर इन कामों से अवश्य बचें.

1. शाम को सोने से बचें

कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर दिन में या शाम के समय न सोएं. यदि कोई व्यक्ति बीमार है, वृद्ध है या कोई स्त्री गर्भवती है तो वह दिन में या शाम को सो सकती हैं, लेकिन स्वस्थ व्यक्ति को दिन में या शाम को सोना नहीं चाहिए.

2. गुस्से और वाद-विवाद से बचें

घर में किसी भी प्रकार का कलह या झगड़ा न करें. घर-परिवार के सभी सदस्य प्रेम से रहें और खुशी का माहौल बनाकर रखें. अभी से इस बुरी आदत पर नियंत्रण करना शुरू कर दें, ताकि होली पर घर में शांति रहे. होली पर क्रोध नहीं करना चाहिए. जो लोग इस क्रोध में करते हैं, उन्हें लक्ष्मी की कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है.

3. नशा न करें

होली पर काफी लोग नशीली चीजों का सेवन करते हैं. जबकि इस दिन किसी भी प्रकार के नशे से भी बचना चाहिए. मान्यता है कि जो नशा करते हैं, वे हमेशा परेशानियों में घिरे रहते हैं. नशे की वजह से घर की शांति भंग हो सकती है और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है.

4. बुजुर्गों का अपमान न करें

इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी परिस्थिति में माता-पिता या किसी अन्य बुजुर्ग हमारी वजह से उदास न हो. सभी का सम्मान करें. जो लोग माता-पिता का अनादर करते हैं, उनके यहां देवी-देवताओं की कृपा नहीं होती है और दरिद्रता बनी रहती है.

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