मुंह में डालते ही घुल जाता है खुरचन, पहली बाइट खाकर मुंह से निकलेगा वाह! क्या स्वाद है!

लाइव सिटीज डेस्क :  मिठाई का नाम सुनते ही आपका मन भी मीठा हो जाता होगा. मिठाई एक ऐसी चीज है, जिसे हम हर शुभ अवसर पर खाना और खिलाना पसंद करते है. खासकर भारत में आपको मिठाई के अनेक रंग और स्वाद मिल जाएंगे. लेकिन कुछ मिठाई ऐसे भी होते हैं, जिनका स्वाद और पहचान किसी खास जगह पर ही मिलती है. ये मिठाई स्पेशल होते हैं.  क्योंकि ये अपनी पहचान और स्वाद को लोगों की जुबान से हटने नहीं देते. पटना सिटी में मिलने वाली खुरचन मिठाई का स्वाद भी कुछ ऐसा ही है. जिसे एक बार चखने के बाद आप भूल नहीं पाएंगे.  खुरचन मिठाई का पहली बाइट खाकर मुंह से यही निकलेगा वाह! क्या स्वाद है.  इस मिठाई के स्वाद की बात करें, तो इसमें चीनी बहुत कम होती है.  लेकिन उसकी कमी आपको खलेगी नहीं. इसे खाते ही जो स्वाद आता है, वह है गाढ़ी मलाई का.  मलाई मुंह में घुलती जाती है और स्वाद देती जाती है.

खुरचन मिठाई का इतिहास भी बहुत ही गौरवशाली है. पटना सिटी की कचौड़ी गली से निकल इसके दमदार स्वाद की कहानियां विदेशों तक पहुंची हुई है़. नरेंद्र मोदी से लेकर बिहार के कई बड़े राजनेता इसके स्वाद के दीवाने हैं. खौलते दूध से मलाई की परत को खरोंच-खरोंच कर तैयार होने वाली इस मिठाई को सिटी के शहीद भगत सिंह चौक से आगे कचौड़ी गली में महादेव गुप्ता पिछले 150 वर्षों तैयार कर रहे हैं. दुकान के स्वाद की प्रसिद्धि ऐसी है कि दूर-दूर से आने वाले कद्रदान भी सीधे यहां पहुंच जाते हैं. महादेव बताते हैं कि उनके परदादा द्वारिका प्रसाद गुप्ता द्वारा खुरचन बनाना शुरू किया गया था.  उसके बाद से उनकी कई पीढ़ियों ने इस कला को जीवंत रखा है.

धीमी आंच पर निखरता है स्वाद


दूध के मावे की कई मिठाइयां बनती हैं. लेकिन खुरचन बनाने के लिए दूध का धीमी आंच में मावा बनाया जाता है. उसके बाद उसमें मीठा मिलाकर धीमी आंच पर उसे और पकाया जाता है. बाद में उसे कढ़ाई से निकालकर ट्रे में जमाया जाता है. इस प्रक्रिया में धैर्य के साथ धीमी आंच भी इसके स्वाद को भटकने से बचाती है. इनके यहां खुरचन की मिठाई के साथ ही दही, मक्खन, घी, चासनी का कलाकंद, लोगों को खूब पसंद है.

मुंह में डालते ही घूल जाता है खुरचन


महादेव कहते हैं कि एक बार जिसने भी उनकी मिठाई खा लिया, वो दोबारा लौटकर जरूर आता है. खुरचन की खासियत ही यही है कि इसे मुंह में डालने पर जो पहला स्वाद आता है, वह है गाढ़ी मलाई का. मलाई की परतें एक के बाद एक मुंह में खुलती और घुलती जाती हैं. यहां दुकान में बैठने की जगह नहीं, इसलिए आपको बाहर गली के भीड़ भरे माहौल में खड़े होकर ही खाना पड़ेगा. इस स्वादिष्ट खुरचन की कीमत है 800 रुपए प्रति किलो है.

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