ऐसे थे ‘जानी’ कहने वाले राज कुमार के तेवर, डायरेक्टर के सामने कुत्ते से पूछकर ठुकरा दी थी फिल्म

लाइव सिटीज डेस्क : हिन्दी फिल्मों में एक भारतीय अभिनेता जिनका नाम कुलभूषण पंडित था लेकिन फिल्मी दुनिया में ये अपने दूसरे नाम ‘राज कुमार’ के नाम से जाने जाते थे. पारम्परिक पारसी थियेटर की संवाद अदाइगी को इन्होंने अपनाया और यही उनकी विशेष पहचान बनी.



हिन्दी सिनेमा जगत में यूं तो अपने दमदार अभिनय से कई सितारों ने दर्शकों के दिल पर राज किया लेकिन एक ऐसा भी सितारा हुआ, जिसे सिर्फ दर्शकों ने ही नहीं बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने भी ‘राजकुमार’ माना और वह थे संवाद अदायगी के बेताज बादशाह कुलभूषण पंडित उर्फ राजकुमार.

राजकुमार 3 जुलाई 1996 में के दिन हमें छोड़कर चले गए थे

फिल्मी दुनिया के सरताज अभिनेता राजकुमार 3 जुलाई 1996 में के दिन हमें छोड़कर चले गए थे. लेकिन राजकुमार की एक्टिंग स्टाईल, उनके सफेद जूते और उनके डायलॉग आज तक दर्शकों के जेहन में जिंदा हैं. बॉलीवुड में जब भी डायलॉग की बात होगी तो सबसे पहले नाम आएगा राजकुमार का. आज इस दुनिया में न होने के बाद भी उनकी आवाज की कशिश और एक्टिंग का हुनर लोगों के जेहन में बसा है. तकरीबन 60 फिल्मों में एक से बढ़कर एक रोल अदा करने वाले राजकुमार 60 से लेकर 80 के दशक तक राज किया.

बेहतरीन डॉयलॉग डिलीवरी की वजह से आज भी याद किए जाते हैं

साल 1952 में रिलीज हुई फिल्म ‘रंगीली’ से एंट्री करने वाले राज कुमार ने ‘आबशार’, ‘घमंड’ और ‘लाखों में एक’ जैसी फिल्मों में दमदार एक्टिंग के जरिए अच्छा खासा रुतबा हासिल कर लिया था. जितना उनका नाम आबाद था, उतनी ही उनकी एक्टिंग और डायलॉग डिलीवरी की चर्चा होती थी. राज कुमार अपनी बेहतरीन डॉयलॉग डिलीवरी की वजह से आज भी याद किए जाते हैं. राज कुमार ने जो रुतबा सफल फिल्मों की वजह से हासिल किया था वो स्‍टारडम के ढलान पर भी जस का तस बना हुआ था. चलिए उनसे जुड़ा एक रोचक किस्सा बताते हैं जब अपने कुत्ते से पूछकर उन्होंने डायरेक्टर का ऑफर ठुकरा दिया था.

यह वाक्या 90 के दशक का है

दरअसल यह वाक्या 90 के दशक का है. उन दिनों राज कुमार के पास कम ही फिल्मों के ऑफर थे लेकिन बावजूद इसके उनके तेवर और स्टाइल में कोई कमी नहीं आई थी. राज कुमार स्टारर फिल्म ‘इंसानियत का देवता’, ‘पुलिस और मुजरिम’ जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर पा रही थीं.

तभी राज कुमार के रूम में उनका कुत्ता आया 

उसी दौरान डायरेक्‍टर रामानंद सागर राज कुमार के पास एक फिल्म का ऑफर लेकर पहुंचे. बताते चलें कि डायरेक्‍टर रामानंद सागर राज कुमार के बहुत अच्छे दोस्त भी थे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रामानंद सागर ने राज कुमार को फिल्म के बारे में बताया और लीड रोल के साथ-साथ 10 लाख रुपए तक देने की बात रख दी. तभी राज कुमार के रूम में उनका कुत्ता आया और उसके बाद कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद उनके दोस्त को भी नहीं थी.

अपने कुत्ते से पूछा कि क्या उन्हें यह फिल्म करनी चाहिए

दरअसल राज कुमार ने डायरेक्टर रामानंद सागर के सामने अपने कुत्ते से पूछा कि क्या उन्हें यह फिल्म करनी चाहिए. कुत्ता उस वक्त भौंकने लगा. राज कुमार ने रामानंद को जवाब में कहा कि उनके कुत्ते को भी इस फिल्म का ऑफर मंजूर नहीं है तो फिल्म करने का सवाल नहीं उठता.