रवीश कुमार का हमला,प्राइम टाइम के वक्त मेरा फ्रेम फ्रीज हो जाता है, कहा- कोई बड़ा गेम हो रहा है

लाइव सिटीज डेस्क : टीवी के मशहूर पत्रकार रवीश कुमार ने केबल वालों को लेकर एक पोस्ट लिखा है जिसमें वो केबल नेटवर्क के बारे में कह रहे हैं कि सारे चैनल दिनभर आते हैं और जब प्राइम टाइम का वक्त आता है तो सारे चैनल पर प्रोग्राम ठीक से चल रहे होते हैं लेकिन NDTV के प्राइम टाइम के वक्त फ्रेम फ्रीज हो जाता है. रवीश कुमार ने आगे लिखा है कि ऐसा मैं नहीं बल्कि दर्शक कह रहे हैं और उन्होंने इसकी वीडियो बनाकर भी मेरे पास भेजी है.

रवीश कुमार ने कहा है कि यह कोई बड़ा गेम हो रहा है. उन्होंने आज अपने पोस्ट में लिखा है कि… दो वीडियो आपसे साझा कर रहा हूं. पहला वीडियो आज का है. ग्वालियर शहर से टाटा स्काई का है. प्राइम टाइम चल रहा था. मेरा फ्रेम फ़्रीज़ हो गया है. टेक्निकल कारण ? पता नहीं. दूसरा वीडियो पुराना है, जो इसके ऊपर के पोस्ट में संलग्न है, एक दर्शक ने ही भेजा था. कई लोग बताते हैं कि प्राइम टाइम के समय कभी आवाज़ चली जाती है कभी चेहरा चला जाता है तो कभी फ्रेम फ़्रीज़ कर जाता है. आप इसे देखिये और जब भी ऐसा हो मोबाइल से रिकार्ड कर भेजें. शहर और मोहल्ले के नाम के साथ. केबल वाले का नाम भी. केबल पर नहीं आना तो एक अलग समस्या है मगर जहां आ रहा है, वहां इस तरह की गड़बड़ी सामान्य हो तो फिर नोटिस लेना चाहिए.

ये रहा लिंक – https://www.facebook.com/RavishKaPage/videos/836228646575284/

फिर उन्होंने दूसरा पोस्ट भी लिखा है…ये दूसरा वीडियो. एक साथ दो वीडियो लिंक नहीं जा रहा है. पहला पोस्ट देखने के लिए नीचे स्क्रोल करें.

ये रहा लिंक – https://www.facebook.com/RavishKaPage/videos/836230519908430/

आपको बता दें रवीश कुमार ने 2 महीने पहले भी एक पोस्ट लिखा था जो इस प्रकार है…

ये रहा लिंक – https://www.facebook.com/RavishKaPage/videos/802477906617025/

पिछले दो तीन वर्षों से सुन रहा हूं. जब भी प्राइम टाइम आता है, कभी आवाज़ ग़ायब हो जाती है, कभी वीडियो हिलने डुलने लगता है और कभी सारा कुछ ग़ायब हो जाता है. दर्शक परेशान होकर मेसेज करने लगते हैं कि अभी तो हमारे टीवी पर आपका चैनल ठीक आ रहा था, अचानक सब गड़बड़ हो गया. नौकरी और बैंक सीरीज़ के दौरान यह सुनने को काफी मिला.

कई बार चैनल और केबल नेटवर्क के बीच व्यापारिक रिश्ते कारण होते हैं जिसकी जानकारी हमें नहीं होती है मगर जब चैनल दिन भर आ रहा है और सिर्फ प्राइम टाइम के समय नहीं आ रहा है तब यह कोई बड़ा गेम है. दर्शक ही बताते हैं कि पूरे इलाके में प्राइम टाइम के समय चैनल उड़ गया. केबल वाले इसे तकनीकि भाषा में गोलमोल समझा जाते हैं लेकिन यह पैटर्न गंभीर होता जा रहा है. मैं ऐसा क्या करता हूं कि प्राइम टाइम के साथ हो रहा है. क्या अपने नौजवान दोस्तों की नौकरी और पढ़ाई की लगातार बात करने से किसी को परेशानी हो रही है? जो यह समझ रहा है कि हर जगह से इसे काट दो ताकि आवाज़ न पहुँचे. ताकि भीड़ को भेड़ों की भीड़ से नागरिक की भीड़ में बदलने से रोका जा सके.
जनता की सीरीज के दौरान कई लोगों ने अपने शपथ पत्र में लिखा है कि उन्हें ख़ास संगठन के लोगों ने बक़ायदा कहा है कि मैं हिन्दू विरोधी हूं, पाकिस्तानी हूं, कम्युनिस्ट हूं और भाजपा विरोधी हूं. इसलिए मेरा शो न देखें और न कुछ लिखा पढ़ें. कई सौ लोगों ने बकायदा लिख कर अफसोस जताया है और माफी मांगी है. क्या नौकरी सीरीज कर चालीस हज़ार से ज़्यादा नौजवानों के लिए नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शुरू करवाना इतना बड़ा गुनाह है कि प्राइम टाइम को लोगों तक पहुँचने से रोका जाए.

उन चालीस हज़ार नौजवानों में से ज़्यादातर मोदी के ही समर्थक हैं. उन्हीं की चुनी हुई सरकार नियुक्ति पत्र नहीं दे रही थी. ऐसा करने वाले ख़ुद ही प्राइम मिनिस्टर बनाम प्राइम टाइम कर. कालेजों में जाता हूं तो ऑडिटोरियम न देने के बहाने खोजे जाते हैं ताकि भीड़ का दृश्य न बन जाए. एक आदमी को कितना घेरेंगे आप. मजबूर मत कीजिए कि लाउडस्पीकर लेकर मैदान में आना पड़ जाए. डायलॉगबाजी और तुकबंदी की नौटंकी से ज़िंदगी नहीं बदलती है. बदलती है भाईचारे से, जनता को सुनने से.

शुक्रिया उन दर्शकों का जो अब सतर्क हो गए हैं. मोबाइल फोन से वीडियो रिकार्ड करने लगे हैं कि तीस सेकेंड पहले केबल पर एनडीटीवी इंडिया आ रहा है और प्राइम टाइम आते ही गड़बड़ी होने लगती है. आपको ऐसा दिखे तो रिकार्ड कर भेज दें. रोज़ पोस्ट करूंगा.

About Ritesh Kumar 2335 Articles
Only I can change my life. No one can do it for me.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*