आखिर कौन है से Santa Claus ? कहां से आए हैं ये सफेद दाढ़ी वाले बूढ़े अंकल?

लाइव सिटीज डेस्क : बचपन में आप सबके साथ ऐसा हुआ होगा कि आपने अपनी किसी Wish को एक चिट में लिखा और तकिये के नीचे रखकर सो गये, इस उम्मीद में कि सांता क्लॉज (Santa Claus) उस विश को पूरा करेंगे. सुबह उठे तो हमारे सिरहाने एक गिफ्ट रखा होता था ये वही विश होती थी जो हम उस चिट में लिखते थे.

सांता क्लॉज से जुड़ी दिलचस्प बातें :



अब हमें यकीन हो जाता था कि इसे सांता (Santa Claus) ने पूरा किया है जबकि असल में इसे हमारे Parents पूरा करते हैं. कुछ ऐसा जलवा रहता था सांता का जो हर बच्चे के फेवरेट होते हैं. सांता क्लॉज कौन है? और ये आया कहां से है? क्या आप इस बारे में जानते हैं?

1. सांता क्लॉज को सेंट निकोलस, फादर क्रिसमस (क्रिसमस के जनक), क्रिस क्रिंगल, या सिर्फ ‘सांता’ के नाम से जाना जाता है. ऐतिहासिक और मॉर्डन समय से वे बहुत सी कहानियों के लिए प्रचलित हैं.


2. कई पश्चिमी संस्कृतियों में ऐसा माना जाता है कि सांता क्रिसमस की रात यानी 24 दिसम्बर की शाम या देर रात के समय अच्छे बच्चों के घरों में आकर उन्हें उपहार देता है.
3. यह भी माना जाता है कि तीसरी सदी के समय तुर्की में जन्मे संत निकोलस का ही आधुनिक रूप सांता क्लॉज का है. अपने धर्मालु और दयालु स्वभाव के कारण वे लोकप्रिय हैं.


4. उन्होंने अपनी तमाम पुश्तैनी धन-दौलत दान कर दी थी और दूर-दूर तक सफर करके वे गरीबों की मदद किया करते थे. उनकी प्रसिद्धि के साथ-साथ उनसे जुड़ी कई दिलचस्प बातें लोगों में फैलती चली गईं.

5. बच्चों की तरफ उनके स्नेह की कहानियां बहुत लोकप्रिय रहीं. 6 दिसंबर को उनकी पुण्यतिथि बड़े पैमाने पर मनाई जाने लगी. माना जाता है कि सेंट (संत) निकोलस का नाम ही बिगड़कर पहले ‘सिंतर क्लॉस’ और फिर ‘सांता क्लॉज’ हो गया.

6. यूरोप में खूब फैलने के बाद सांता क्लॉज की प्रसिद्धि 18वीं सदी में अमेरिका तक पहुंच गई. साल 1773-74 के दौरान न्यूयॉर्क में बसे हॉलैंड मूल के परिवारों ने सामूहिक रूप से सिंतर क्लॉस की पुण्यतिथि मनाई.

7. साल 1804 में न्यूयॉर्क हिस्टॉरिकल सोसायटी की वार्षिक सभा में उसके एक सदस्य जॉन पिंटर्ड ने संत निकोलस के लकड़ी के कटआउट बंटवाए थे.

8. सांता का आधुनिक रूप का एक अस्तित्व 19वीं शताब्दी में सामने आया. इससे पहले वे ऐसे नहीं थे, जैसा अब दिखाए जाते हैं.

9. संत निकोलस और जीसस के जन्म का कोई आपसी संबध नहीं है फिर भी सांता क्लॉज क्रिसमस का एक अहम हिस्सा माने जाते हैं.

10. संत निकोलस का जन्म तीसरी सदी में जीसस की मौत के 280 साल के बाद हुआ था. निकोलस ने अपने माता-पिता को बचपन में ही खो दिया था और तभी से उनकी आस्था जीसस में बढ़ गयी थी.

11. सांता क्लॉज़ को रात में ही उपहार देना पसन्द है क्योंकि उन्हे उपहार देते नजर आना पसन्द नही था और अपनी पहचान किसी के सामने आए वो ऐसा नहीं चाहते थे.

12. आज भी ऐसा कई घरों में बच्चों को बोला जाता है जल्दी सो जाओ रात में सांता आयेंगे और उपहार देकर जायेंगे.

13. ऐसा कहा जाता है कि एक आदमी क्लेमेंट क्लार्क मूर के पास अपनी तीन बेटियों की शादी के पैसे नहीं थे. मजबूरी में उसने उन्हें बेचने की कोशिश की. उस समय संत निकोलस ने अपनी सूखती जुराबों में से सोने के सिक्कों की थैलियां उन्हें दीं. उस आदमी ने अपनी बेटियों को नहीं बेचा और संत निकोलस को ईश्वर मानने लगा.

14. उसके बाद साल 1822 में क्लेमेंट क्लार्क मूर ने अपनी तीन बेटियों की शादी की और उसके बाद संत निकोलस के लिए एक लंबी कविता लिखी. उस कविता का शीर्षक था ‘एन अकाउंट ऑफ ए विजिट फ्रॉम सेंट निकोलस’.

15. इसमें सेंट निकोलस को एक गोलमटोल, हंसमुख बुजुर्ग बताया गया जो क्रिसमस की रात में रेनडियर वाली गाड़ी में उड़ते हुए आते हैं और चिमनी के रास्ते घरों में प्रवेश कर घर में टंगी जुराबों में बच्चों के के लिए उपहार छोड़ जाते हैं. यह कविता जब प्रकाशित हुई तो पूरे अमेरिका में सेंट निकोलस/ सांता क्लॉज लोकप्रिय हो गए.

16. जर्मन मूल के अमेरिकी कार्टूनिस्ट थॉमस नेस्ट ने साल 1863 के बाद से हर साल सांता की नई छवि बनाने लगे. साल 1880 तक सांता की छवि वह रूप ले चुकी थी, जिससे आज हम सब परिचित हैं.

17. सांता क्लॉज़ क्रिसमस के कई हफ्ते पहले डिपार्टमेंट स्टोर या शॉपिंग मॉल में या पार्टियों में दिखाई देने लगता है.

18. इस प्रथा का श्रेय जेम्स एडगर को जाता है, क्योंकि उन्होंने साल 1890 में अपने मैसाचुसेट्स डिपार्टमेंट स्टोर, ब्रोक्टोन में इस प्रथा की शुरुआत की.

19. हंगरी में सेंट निकोलस ठीक 5 दिसम्बर को आता है और बच्चों को अगली सुबह उनके उपहार मिलते हैं. अगर वे अच्छे हैं तो उन्हें एक बैग में मिठाई मिलती है और अगर वे अच्छे नहीं हैं तो उन्हें सुनहरे रंग का बिर्च स्विच मिलता है.

20. ब्रिटिश, ऑस्ट्रेलियाई, आयरिश, कनाडा और अमेरिका के बच्चे सांता के रेन्डियर के लिए एक गाजर भी छोड़ते हैं, उन्हें पारंपरिक रूप से बताया जाता है कि यदि वे पुरे साल अच्छे बच्चे बन कर नहीं रहेंगे तो उनके मोज़े में उन्हें कोयले का एक टुकड़ा मिलेगा, हालांकि इस प्रथा को अब पुरानी प्रथा मन जाने लगा है.