SIM कार्ड पर लिखे 19 डिजिट के नंबरों में छिपे होते हैं ये 6 सीक्रेट, क्या आपने देखा?

लाइव सिटीज डेस्क : आप सभी ने मोबाइल में उपयोग होने वाले सिम कार्ड पर लिखे नंबर को तो देखा होगा. लेकिन क्या आपको पता है उसपर लिखे नंबर का मतलब? शायद आपने कभी ध्यान नहीं दिया हो. लेकिन आज हम आपको इस बारे में विशेष जानकारी देने जा रहे हैं. दरअसल, सिम पर 19 डिजिट का एक नंबर लिखा होता है. इसका क्या मतलब होता है और इसका यूज क्या है.

इस 19 डिजिट के नंबर में आपकी बहुत सारी जानकारी छिपी होती है. इसमें आपके मोबाइल नंबर से लेकर टेलिकॉम ऑपरेटर तक की जरूरी रहती है. यहां हम आपको  इन 19 डिजिट का मतलब बताएंगे. इनके बारे में आपको पता होना चाहिए. टेलिकॉम एक्सपर्ट से प्राप्त जानकारी पर हम आपको ये जानकारी दे रहे हैं.



पहली 2 डिजीट में इंडस्ट्री कोड होता है. इसे ITU इंटरनेशनल टेलिकॉम यूनियन डिसाइड करती है. यह वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन है.

दूसरी 2 डिजिट में कंट्री कोड होता है. इसे MCC (मोबाइल कंट्री कोड) कहते हैं. ये कंट्री के हिसाब से अलग-अलग होता है. 91 इंडिया का कंट्री कोड है.

अगली 2 डिजिट में Issuer Number होता है. जो टेलिकॉम इंडस्ट्री जारी करती है. हर स्टेट का इशूअर नंबर अलग होता है.

अगली 12 डिजिट को सिम नंबर भी कहा जाता है. इसे कस्टमर आइडेंटिडी नंबर भी कहा जाता है. इस नंबर को ही टेलिकॉम कंपनी बाद में मोबाइल नंबर चढ़ाती है. इसी से आपके मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड रखा जाता है.

आखिरी जो नंबर होता है उसे चेकसम कहा जाता है. यह शुरूआती 18 नंबर को कैलकुलेट करके बनता है.

आखिरी अल्फाबेट होता है. ज्यादातर सिम पर U लिखा होता है. U का मतलब यूनिवर्सल है, यानि ये सिम 2G से 4G नेटवर्क सभी पर काम करेगी.
जो सिम सभी नेटवर्क पर काम नहीं करती उस पर H लिखा होता है.