इस भारतीय ने खोजा सांप जैसी आकृति वाला ये पौधा, दुनिया ने 143 सालों से नहीं देखा था

लाइव सिटीज डेस्क : इस दुनिया में एक से एक खोजें होती रहती हैं. जंगलों में आज भी कई ऐसे रहस्य छिपे हुए हैं जिनके बारे में हम लोगों को कुछ भी पता नहीं है. आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे 143 सालों से नहीं देखा गया था.

दरअसल, सांप जैसी आकृति वाला एक पौधा जिसका नाम सेरोपेजिया ल्यूसीडा है और यह पौधा धर्मेंद्र और उनके साथियों को अरुणाचल प्रदेश के नामडाफा टाइगर पार्क में तब ली जब वो कुछ विदेशी साथियों के साथ वहां बाघ खोज रहे थे.



इस खोज को विश्व विख्यात साइंस मैगजीन करेंट साइंस ने अपने पृष्ठ पर जगह दी है

राजस्थान विश्वविद्यालय से वनस्पति विज्ञान में डॉक्टरेट धर्मेंद्र खंडाल की इस खोज को विश्व विख्यात साइंस मैगजीन करेंट साइंस ने अपने पृष्ठ पर जगह दी है. धर्मेंद्र द्वारा इस वनस्पति की खींची गई तस्वीर इस वनस्पति की दुनिया में उपलब्ध एकमात्र तस्वीर है. यह खोज एक बड़ी खोज साबित हुई है. राजस्थान में दो तीन जगहों पर इस सेरोपेजिया की प्रजाति के कुछ पौधे मिलते हैं लेकिन सेरोपेजिया ल्यूसीडा पहली बार मिला है. सांप के फन के आकार के इसके फूल बेहद खूबसूरत होते हैं.

विलुप्त वनस्पति 

इस वनस्पति की खोज के बारे में राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र धर्मेंद्र बताते हैं मैं अपने साथियों के साथ नामफाडा के जंगलों में निकला था. मैं अपने साथियों से एक दो किलोमीटर आगे निकल गया चूंकि शाम होने को थी इसलिए साथियों को चिंता हुई सबने टैंट लगाकर दो लोगों को मुझे लेने भेजा गया. लौटते वक्त यह वनस्पति मुझे दिखाई दी. मैंने तुरंत इसकी तस्वीर खींच ली और बाद में जब इस पर शोध किया तो हमें पता चला यह तो विलुप्त वनस्पति है.

1874 में यह प्रजाति सिक्किम में मिली थी

धर्मेंद्र बताते हैं कि इसके पहले 1874 में यह प्रजाति सिक्किम में मिली थी ,जिसे बॉटनिकल सर्वे आफ इंडिया के हर्बेरियम में रखा गया है. वनस्पति वैज्ञानिकों का कहना है कि देश में सेरोपेजिया की 59 प्रजातियां है. इनमे से ज्यादातर विलुप्त प्राय हैं, जहां तक ल्युसिडा का सवाल है इसे लम्बे समय से देखा ही नहीं गया. महत्वपूर्ण है कि सेरोपेजिया की प्रजाति के पौधे हिन्दुस्तान के अलावा,दक्षिण अफ्रीका थाईलैंड, बर्मा और मलेशिया में भी मौजूद हैं.