OMG! आप अंतरिक्ष में कभी रो नहीं सकते, क्योंकि आपके आंसू नीचे ही नही गिरेंगे

लाइव सिटीज डेस्क : अंतरिक्ष सदैव से ही इंसान को अपनी और आकर्षित करता रहा है. यही कारण है कि प्राचीन समय में ही हमारे पूर्वजों ने अंतरिक्ष से जुड़े कई रहस्य पता लगा लिए थे. फिर धीरे-धीरे विज्ञान की मदद से मनुष्य का स्पेस में जाना भी पॉसिबल हो गया जिसके बाद अंतरिक्ष से जुड़े कई अन्य राज हमे पता चले. यहां हम स्पेस से जुड़े कुछ प्रमुख तथ्यों के बारे में जानेंगे –

1. अगर इंसान को बिना किसी सुरक्षा उपाय के स्पेस में छोड़ दिया जाए तो वह केवल 2 मिनट तक ही जीवित रहेगा.



2. अगर आप अंतरिक्ष में चिल्लाएंगे तो भी पास खड़े लोग आपकी आवाज नहीं सुन पाएंगे क्योकि वहां पर आपकी आवाज को एक स्थान से दुसरे स्थान तक पहुंचाने का
कोई माध्यम नहीं होता है.

3. यदि आप स्पेस में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जाएंगे तो आपका शरीर फट जाएगा क्योंकि वहां पर हवा का दवाब नहीं है.

4. स्पेस यान में सोना काफी कठिनाई भरा होता है. अंतरिक्ष यात्री को सोने के लिए काफी मेहनत करनी होती है. उन्हें आंखों पर पट्टी बांध कर एक बंकर में सोना होता है
ताकि वह तैरने और इधर-उधर टकराने से बच सकें.

5. स्पेस में गुरुत्वाकर्षण न होने के कारण स्पेस यात्री भोजन पर नमक या मिर्च नहीं छिड़क सकते हैं. वे भोजन भी द्रव्य के रूप में लेते हैं, ऐसा इसलिए है क्योंकि सूखे
भोजन हवा में तैरने लगेगें और इधर उधर टकराने के साथ ही स्पेस यात्री की आंख में भी घुस जाएगा.

6. स्पेस में यदि धातु के दो टुकड़े एक दूसरे को स्पर्श कर लें तो वे स्थायी रूप से जुड़ जाते हैं.

7. एक अंतरिक्ष सूट को बनाने में 12 मिलियन डॉलर यानी लगभग 77 करोड़ 70 लाख रुपए खर्च होते हैं.

8. स्पेस में कम गुरुत्वाकर्षण के कारण इंसान के रीढ़ की हड्डी पृथ्वी पर होने वाले खिंचाव से मुक्त हो जाती है. ऐसे में जब कोई अंतरिक्ष यात्री अपनी रीढ़ की हड्डी को
सीधा करता है तो उनकी लंबाई 2.25 इंच तक बढ़ जाती हैं.

9. अंतरिक्ष में सोते हुए आप हर 90 मिनट में सूर्योदय देख सकते हैं. इससे अंतरिक्ष यात्री को सोने में काफी परेशानी होती है.

10. अंतरिक्ष में पर्सनल ग्रूमिंग कभी भी आसान नहीं होता है. अंतरिक्ष यात्री अपने साथ स्पेशल ग्रूमिंग किट ले जाते हैं और उन्हें अंतरिक्ष यान में बांध कर रखते हैं. वह
बाल साफ करने के लिए ऐसे शैंपू ले जाते हैं, जिसके लिए पानी की जरूरत नहीं होती है.

11. अंतरिक्ष यात्री जब अंतरिक्ष का सफर कर पृथ्वी पर लौटते हैं तो उन्हें पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के हिसाब से ढ़लने में समय लगता है. अंतरिक्ष की तरह वह पृथ्वी पर भी
चीजों को हाथ से छोड़ देते हैं. लेकिन पृथ्वी पर चीजें जमीन पर गिर जाती हैं और टूट जाती हैं.

12. अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण के न होने से कमजोरी आती है और यह अंतरिक्ष में जाने वाले हर व्यक्ति के साथ होता है. इस कमजोरी से बाहर आने में एक यात्री को
लगभग 2-3 दिन का समय लग सकता है.

13. आप अंतरिक्ष में कभी रो नहीं सकते, क्योंकि आपके आंसू नीचे ही नही गिरेंगे.