ये हैं देश के टॉप पत्रकार, करोड़ों में करते हैं कमाई, आप भी जानें इन्हें…

लाइव सिटीज डेस्क : आज ज्यादातर लोग पत्रकारिता इसलिए करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि पत्रकारों की लाइफ बहुत ग्लैमरस होती है. उन्हें भी टीवी पर दिखने वाले पत्रकारों की तरह नेम-फेम चाहिए. इसलिए वो पत्रकारिता को करियर के रूप में चुनते हैं. लेकिन, वो शायद इस तथ्य से अंजान रहते हैं कि पत्रकारिता पैसा कमाने वाली इंडस्ट्री नहीं है. यह समाज सेवा से भी जुड़ा हुआ है.

हां, जिन टीवी पत्रकारों को देख इस इंडस्ट्री की तरफ लोग आकर्षित होते हैं, उनकी संख्या महज 15 परसेंट है. इस इंडस्ट्री में बहुत कम लोग हैं, जो भव्य या सेलिब्रिटी वाली लाइफ का आनंद लेते हैं. जो ग्लैमर दिखता है, वह बस टीवी स्क्रीन तक ही सीमित है. इस ग्लैमर के पीछे भी 85 परसेंट लोग पत्रकारिता क्षेत्र में काम कर रहे होते हैं. आइए हम देश की कुछ प्रमुख शख्सियत से मिलवाते हैं…

बरखा दत्त (3.6 करोड़) : ये पत्रकारिता का जाना-माना चेहरा हैं.बरखा NDTV में 21 साल काम कर चैनल को छोड़ चुकी हैं.

रवीश कुमार (2.16 करोड़) : ये वर्तमान में NDTV इंडिया के Executive Senior Editor हैं. रवीश किसी भी ख़बर को पूरी तरह खंगालने के लिए जाने जाते हैं, हर पहलू को सामने रखने के लिए फेमस हैं

विक्रम चंद्रा (2 करोड़) : ये NDTV ग्रुप के Executive Director और Chief Executive हैं. विक्रम ‘गैजेट गुरु’ और ‘Big Fight’ जैसे शो होस्ट के लिए फेमस हैं

मेनका दोषी (1.5 करोड़) : मेनका CNBC TV18 की Corporate Editor और एंकर हैं.मेनका बिज़नेस रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं

गौरव कालरा (1.5 करोड़) : ये बेस्ट स्पोर्ट्स एंकर के रूप में जाने जाते हैं.गौरब CNN IBN में बतौर Senior Editor काम कर चुके हैं

अर्नब गोस्वामी (1 करोड़) : कई वर्षों तक Times Now में बतौर Editor in Chief काम करने के बाद अब अपना चैनल ‘रिपब्लिक’ खोल चुके हैं. अर्नब ने पत्रकारिता के कई बड़े अवॉर्ड जीते हैं

अभिज्ञान प्रकाश (1 करोड़) : ये NDTV में संपादक हैं.  अभिज्ञान अपने शो ‘न्यूज़ पॉइंट’ के लिए जाने जाते हैं.

राजीव मसंद (1 करोड़) : ये प्रसिद्ध फ़िल्म समीक्षक हैं. राजीव मसंद का शो ‘Now Showing’ काफी पोपुलर है

पत्रकारों की  सैलरी का डाटा विभिन्न वेबपॉर्टल के आधार पर लिखी गई है. 

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हम हैं आदित्य. फैन हैं. किसी आम इंसान के नहीं. भगवान के. वो भी ऐसे-वैसे भगवान नहीं. देवों के देव महादेव के. उनके जो इस सृष्टि के संचालक हैं. हां हम धार्मिक आदमी हैं. भगवान को मानते हैं. बम भोले-बम भोले का जाप करते हैं. कर्मठ व्यक्ति हैं. श्रम का महत्व समझते हैं. इसलिए उसे बचाकर खर्च करते हैं. देखने में ठीक-ठाक है. पर फिर भी खराब दिखते है. ये सखी कहती है. बाकी हमारी जिंदगी का एक्कै मकसद है. उस चीज को पाना, जिसे पाना मुश्किल हो. कहने को लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट है. फेसबुक पर प्रेम और फूड पर बहुत लिखते हैं. मगर जब कोई इनबॉक्स में आकर कहता है, आप अच्छा लिखते हैं. तो शर्माकर नीले हो जाते हैं. क्योंकि शिव का रंग भी, तो नीला ही है. बाकी की जानकारी मुझसे मिलकर ही पता की जा सकती है. हां मुझे समझने में आपको परेशानी हो सकती है. लेकिन ये मेरी नहीं आपकी दिक्कत है.

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