अगर आप फूडी हैं तो सफर के दौरान चखना न भूलें, इन रेलवे स्टेशन के लजीज पकवान

लाइव सिटीज डेस्क :  अगर आप घूमने-फिरने के शौक़ीन हैं और ट्रेन से सफ़र नहीं करते हैं, तो घूमने-फिरने का क्या फ़ायदा? ट्रेन से सफ़र करने में जो मज़ा है वो फ़्लाईट में भी नहीं है. अगर आप किसी लम्बे टूर पर जाने की सोच रहे हैं तो फ़्लाइट का मोह छोड़कर ट्रेन से सफ़र करने के बारे में सोच सकते हैं. एडवेंचर के शौकीन हैं, तो इससे अच्छा एडवेंचर और क्या हो सकता है? ट्रेन से यात्रा करने से आपको हर जगह के बारे में जानने और समझने का मौका मिलता है. किस राज्य के किस स्टेशन पर खाने-पीने की अच्छी चीज़ें मिलती हैं, ये भी पता चलता है.

आज हम आपको देशभर के ऐसे रेलवे स्टेशंस के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर खाने-पीने के लिए एक से बढ़कर एक स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं.

कढ़ी कचौड़ी, अजमेर राजस्थान

राजस्थान में कचौड़ी को ज्यादातर कढ़ी और चटनी के साथ ही खाया जाता है.

कोचिकोड हलवा, कालिकट, केरल

नारियल, अखरोट व अन्य चीजों से बना कोचिकोड हलवा दिखने में जितना अच्छा लगता है, उससे भी ज्यादा स्वादिष्ट होता है.

उंटनी के दूध की चाय सुरेंद्रनगर, गुजरात

उंटनी के दूध से बनी ऐसी चाय शायद आपने पहले कभी नहीं पी होगी. एक अलग ही टेस्ट है इस चाय का.

चिकन कटलेट हावड़ा, कोलकता

हावड़ा रेलवे स्टेशन पर मिलने वाली छोटी-छोटी क्रिस्पी चिकन कटलेट देखते ही आपके मुंह में पानी आ जाएगा.

छोले भटूरे जालंधर, पंजाब

अगर आप जालंधर  जाएं तो रेलवे स्टेशन पर रूक कर छोले भटूरे जरूर खाएं. आपने शायद ही इससे अच्छे छोले- भटूरे कभी खाएं हों.

वड़ा पाव कर्जत, महाराष्ट्र

अगर आपको कभी कर्जत रेलवे स्टेशन जाने का मौका मिले, तो वहां का वड़ा पाव और बटाटा वड़ा खाना न भूलें

 

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हम हैं आदित्य. फैन हैं. किसी आम इंसान के नहीं. भगवान के. वो भी ऐसे-वैसे भगवान नहीं. देवों के देव महादेव के. उनके जो इस सृष्टि के संचालक हैं. हां हम धार्मिक आदमी हैं. भगवान को मानते हैं. बम भोले-बम भोले का जाप करते हैं. कर्मठ व्यक्ति हैं. श्रम का महत्व समझते हैं. इसलिए उसे बचाकर खर्च करते हैं. देखने में ठीक-ठाक है. पर फिर भी खराब दिखते है. ये सखी कहती है. बाकी हमारी जिंदगी का एक्कै मकसद है. उस चीज को पाना, जिसे पाना मुश्किल हो. कहने को लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट है. फेसबुक पर प्रेम और फूड पर बहुत लिखते हैं. मगर जब कोई इनबॉक्स में आकर कहता है, आप अच्छा लिखते हैं. तो शर्माकर नीले हो जाते हैं. क्योंकि शिव का रंग भी, तो नीला ही है. बाकी की जानकारी मुझसे मिलकर ही पता की जा सकती है. हां मुझे समझने में आपको परेशानी हो सकती है. लेकिन ये मेरी नहीं आपकी दिक्कत है.

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