दुनिया का सबसे ईमानदार शहर, लोग रेस्तरां की मेज पर अपना वॉलेट, मोबाइल छोड़ कर घूमते हैं बेफिक्र

लाइव सिटीज डेस्क : ईमानदारी किसी कायदे कानून की मोहताज नहीं होती. ईमानदारी सबसे अच्छी नीति होती है और इसे चरितार्थ करते हैं जापान की राजधानी टोक्यो के लोग. जी हां दुनिया का सबसे ईमानदार शहर जापान का टोक्यो है. दुनिया का कोई भी इंसान अगर जापान से घूमकर लौटे तो वह जापानियों की ईमानदारी की कहानियां अपने परिचितों से शेयर कर-कर के भी नहीं थकता.



जापान को पारंपरिक तौर पर ईमानदार देश समझा जाता है. यहां आने वाले ज्यादातर विदेशी पर्यटक अपने देश वापस लौटकर जापानी लोगों की ईमानदारी की मिसालें देते हैं. माना जाता है कि अगर जापान में आपका कोई सामान खो गया है, तो मुमकिन है कि वह आपको वापस मिल जाएगा.

दुनिया का सबसे ईमानदार शहर 

टोक्यो में अगर आपकी कोई ऐसी चीज गुम हो जाए जिस के साथ आपका नाम, पता या नंबर अंकित है तो इस बात की श्योरिटी है कि वह आप तक जरूर वापस लौटेगी. अन्यथा अगर आप उसे यहां के खोया पाया विभाग में ढूंढेंगे तो वह इत्मीनान से आपका इंतज़ार करती मिलेगी, बस आपको उससे सम्बंधित दस्तावेज दिखाने भर की देर है वो आपको वापस मिल जाएगी. इसी कारण इस शहर को दुनिया का सबसे ईमानदार शहर माना जाता है.

लाखों-करोड़ों रुपए इसी तरह हर साल टोक्यो पुलिस के खोया-पाया विभाग के पास पहुंचते हैं

हर साल टोक्यो पुलिस के खोया-पाया विभाग के पास लोगों की खोई चीजें पहुंचती हैं. जब भी लोगों को कोई सामान कहीं लावारिस पड़ा मिलता है, तो लोग उसे पुलिस के पास पहुंचा देते हैं. इनमें चाभी, धूप के चश्मे और रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई चीजों के अलावा लाखों-करोड़ों रुपए इसी तरह हर साल टोक्यो पुलिस के खोया-पाया विभाग के पास पहुंचते हैं.

2016 में टोक्यो पुलिस को इसी तरह 2 अरब से ज्यादा की राशि मिली. पुलिस विभाग के मुताबिक, इनमें से तीन चौथाई से ज्यादा रकम उनके सही दावेदारों के पास पहुंचा दी गई.

जापान में ईमानदारी पर इनाम 

जापान में ईमानदारी पर इनाम भी मिलता है. जापान के खोया सामान कानून के मुताबिक, अगर किसी के खोए पैसे को कोई खोया-पाया विभाग में जमा करे, तो उस रकम में से 5 से 20% प्रतिशत तक की राशि इनाम के रूप में दी जा सकती है.

जापानी अर्थव्यवस्था भी काफी मजबूत है. बैंक ऑफ जापान द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2015 में जापान के अंदर 10,3000,000 मिलियन येन मुद्रा चलन में थी. 18 विकसित देशों की तुलना में देखें, तो यह सबसे ज्यादा रकम है.

जापानी स्कूलों में छात्रों को नैतिकता और अच्छे बर्ताव की सीख

जापानी स्कूलों में छात्रों को नैतिकता और अच्छे बर्ताव की सीख दी जाती है. यहां छात्रों को यह कल्पना करना सिखाया जाता है कि जब वह किसी का खोया सामान या पैसा उसे लौटाएंगे, तो उन लोगों को कैसी असीम खुशी मिलेगी? दूसरों की खुशी में खुश होना ही सच्ची खुशी है. इन्ही ऊंचें नैतिक मूल्यों की वजह से जापान के लोग महंगे से महंगे मोबाइल फोन आदि यहां तक कि अपना वॉलेट भी रेस्टोरेंट की मेज पर छोड़ कर वॉशरूम में बेफिक्र हो कर चले जाते है.