दर्दनाक : इंजन में फंसे हुए शव के साथ 25 किलोमीटर तक दौड़ी ट्रेन, फिर क्या हुआ….

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छपरा : पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-सीवान रेलखंड पर 25 किलोमीटर दूर तक एक अधेड़ का शव मालगाड़ी के इंजन में फंसा घसीटता रहा और मालगाड़ी दो स्टेशनों से गुजर गयी. तीसरे स्टेशन पर मालगाड़ी को रोक कर इंजन में फंसे शव को निकाला गया. डाउन एसबीएन मालगाड़ी भटनी से खुलने के बाद रास्ते में कहीं नहीं रुकी लेकिन पचरुखी के नजदीक एक अधेड़ व्यक्ति मालगाड़ी से कट गया और उसका शव इंजन में फंस गया.

इंजन में फंसे शव को चालक या सहायक चालक ने नहीं देखा. मालगाड़ी जब दरौंदा जंक्शन से गुजर रही थी, तो इंजन के आगे शव फंसा हुआ देखा गया, लेकिन मालगाड़ी वहां से निकल गयी. दरौंदा स्टेशन मास्टर ने इसकी जानकारी चैनवा के स्टेशन मास्टर को दी. चैनवा स्टेशन मास्टर भी मालगाड़ी को नहीं रोक सके, लेकिन दोनों स्टेशन मास्टरों ने इसकी जानकारी कंट्रोल को दी. रेलवे कंट्रोल के निर्देश पर मालगाड़ी को एकमा स्टेशन पर रोका गया. मालगाड़ी को रोकने के बाद चालक को पता चला कि इंजन के आगे शव फंसा हुआ है.

इसके बाद चालक ने इंजन में फंसे शव को निकालने के लिए स्टेशन मास्टर को मेमो दिया. चालक के मेमो देने के बाद राजकीय रेलवे पुलिस ने शव को इंजन से निकाला. बरामद शव की पहचान सीवान जिले के पचरुखी थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव के निवासी ढोढ़ा पंडित के पुत्र जमादार पंडित (55 वर्ष) के रूप में हुई है. और इस संबंध में छपरा जंक्शन राजकीय रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. राजकीय रेलवे पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है.

रेल थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने बताया कि शव की पहचान मृतक के पुत्र संजय कुमार पंडित ने की है. शव के इंजन में फंसने के कारण 25 किलोमीटर तक घसीटने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और रेलवे संरक्षा की दृष्टिकोण से यह खतरनाक है. संरक्षा नियमों के तहत ट्रेनों के इंजन से किसी के कट जाने की स्थिति में ट्रेन को तब तक रोक कर रखना है, जब तक शव को रेलवे ट्रैक से हटा नहीं लिया जाता है. ऐसा नहीं करने के कारण शव इंजन में फंस सकता है जिसके कारण दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है.

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