छपरा मंडल कारा हुआ भक्तिमय, 12 महिला समेत 26 बंदी हैं छठ व्रती

छपरा : विभिन्न आपराधिक या आपसी विवाद में मंडल कारा में बंद सजायाफ्ता व विचाराधीन कम से कम 26 महिला व पुरूष बंदी मंडल कारा में चार दिवसीय सूर्य षष्ठी व्रत का अनुष्ठान कर रहे हैं. इसे लेकर मंडल कारा का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है.

24 अक्तूबर से शुरू होने वाले अनुष्ठान के दौरान विभिन्न पूजन सामग्रियों की तैयारी के अलावा जेल के अंदर ही भगवान सूर्य को अर्घ्य देने तथा पूजन करने के लिए बंदियों के द्वारा भगवान सूर्य का प्रतीक बनाने के अलावा छोटा तालाब भी बनाया गया है.

पुरूष एवं महिला बंदियों वाले इस मंडल कारा में बंद अन्य बंदियों ने भी चाहे किसी भी धर्म के क्यों न हों, खुलकर सहयोग कर रहे हैं. यहां तक की कुछ बंदी अपनी ओर से भी अपने एवं अपने परिजनों के खुशहाल भविष्य के लिये आर्थिक सहयोग देने की तैयारी में हैं.

मंडल कारा छपरा में कुल 973 पुरूष तथा 28 महिला बंदी हैं. इनमें से 12 महिला बंदी तथा 14 पुरूष बंदी सूर्य षष्ठी व्रत करेंगे. इन महिला बंदियों चार सजायफ्ता में भागीरथी देवी, राजकुमारी देवी, रीता देवी, सुनैना देवी तथा विचाराधीन बंदियों में पुनम देवी, राजांती देवी, कुमारी देवी, सुनिता देवी, रीना देवी, मालती देवी, चंपा देवी, मीरा देवी शामिल हैं.

इसी प्रकार 14 पुरूष बंदी भी अपने तथा अपने परिवार के खुशहाल भविष्य के लिये छठ पर्व कर रहे हैं. प्रतिकूल परिस्थितियों में भी इन महिला एवं पुरूष बंदियों व्रत के लिए काफी उत्साह है. खासकर एक ही वार्ड में रहने वाली सभी महिला बंदी दिन या रात खाली छठ पर्व से संबंधित विभिन्न प्रकार के पारंपरिक गीतों को गाकर वातावरण भक्तिमय बनाने में लगी हैं.

मंडल कारा छपरा अधीक्षक सुभाष प्रसाद के अनुसार सूर्य षष्ठी व्रत महिला एवं पुरूष बंदियों को जेल मैनुअल के अनुसार ही व्रत की तैयारी से संबंधित आवश्यक सुविधा के साथ-साथ उपयुक्त माहौल देने का प्रयास किया जायेगा.

इसके लिये जेल प्रशासन की ओर से भी आवश्यक व्यवस्था की जा रही है. जिससे व्रतधारी पुरूष एवं महिला बंदी को किसी भी प्रकार की परेशानी या असुविधा न हो.

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