चैत्र नवरात्र: मां अंबिका भवानी के दरबार में लगी श्रद्धालुओं की भीड़

छपरा: सिद्ध शक्ति पीठ मां अंबिका स्थान आमी मंदिर की महिमा अपरंपार है. माता के दरबार में सच्चे मन से प्रार्थना करने वाले हर लोगों की मुरादें पूरी होती है जिस कारण प्रति दिन माता के दरबार में असंख्य भीड़ देखी जाती है. छपरा पटना मुख्य मार्ग पर दिघवारा से चार किमी की दूरी पर आमी गांव में एक ऊंचे टीले पर अवस्थित माता का मंदिर है.

ग्रामीण क्षेत्र के पूर्णत शांत माहौल में स्वच्छ वातावरण में गंगा नदी के किनारे अवस्थित इस मंदिर में चैत्र नवरात्रि सदियों से विख्यात रही है. यहां नवरात्रि के अवसर पर सैकड़ों की संख्या में पुरूष महिला श्रद्धालु दुर्गा सप्तशती का पाठ करने आते हैं और माता से अपने और अपने परिवार की मंगल कामना के लिए दुआ मांगते हैं.

मार्कंडेय पुराण में वर्णित राजा दक्ष की कर्मस्थली आमी में अवस्थित इस मंदिर का पौराणिक इतिहास काफी गौरवपूर्ण रहा है. कहा जाता है कि प्रजापति राजा दक्ष का यज्ञ स्थल व राजा सुरत व समाधि वैश्य की तपस्या स्थली है. राजा दक्ष द्वारा यज्ञ में भगवान शंकर को निमंत्रण नहीं दिया गया था. इससे सती ने अपने पिता द्वारा आयोजित यज्ञ में पति के अपमान को सहन न कर पाने पर यज्ञ के हवन कुंड में कूदकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली थी. इसे देख भगवान शिव ने सती के शव को हवन कुंड से निकाला व तांडव करने लगे. भगवान नीलकंठ के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने चक्र से सती के शव को कई टुकड़े कर दिए.

सती का अवशेष भाग यहीं रह गया जो आज एक मिट्टी की भगाकर पिण्ड है. पूरे भारतवर्ष में एक यही स्थान है जहां कोई मूर्ति नहीं है. चैत्र नवरात्रि में यहां दस दिन मेला-सा लगा रहता है. इस बार स्थानीय प्रशासन ने यहां मेला शुरू होने से पूर्व ही सारी व्यवस्था पूर्ण कर ली थी. गंगा नदी पर महिलाओं के लिए अस्थायी चेंजिंग रूम, गोताखोर, पेयजल, शौचालय के साथ प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है.

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