लॉकडाउन में भी जारी है नशा का कारोबार, नारकोटिक्स की कार्रवाई में 2119.8 किलो गांजा अब तक हुआ जब्त

लाइव सिटीज, पटना/अमित जायसवाल : नशीले पदार्थों का गोरख धंधा लॉकडाउन में भी जारी रहा. चाहे गांजा हो या ओपियम, इसकी सप्लाई बदस्तूर जारी रही. नशीले पदार्थों की खेप को ट्रकों में छिपाकर नार्थ इंडिया से बिहार-झारखंड समेत दूसरे राज्यों में पहुंचाया गया. हालांकि गुप्त सूचना के आधार पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई भी की. गांजा और दूसरे नशीले पदार्थों की बड़ी खेप को न सिर्फ पकड़ा, बल्कि कई लोगों को गिरफ्तार भी किया. सिर्फ लॉकडाउन में ही अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर 2119.8 किलो गांजा और 2.75 किलो ओपियम जब्त किया गया. साथ ही 19 तस्करों व इसकी सप्लाई करने वाले ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार किया.


नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की पटना जोन की टीम ने इस साल जनवरी महीने से लेकर अब तक में बिहार-झारखंड के अलग-अलग जगहों पर कुल 12 बार छापेमारी कर कार्रवाई की है. पटना जोन के डायरेक्टर कुमार मनीष के अनुसार जनवरी से लेकर अब तक में कुल 2413.8 किलो गांजा जब्त किया गया है. इसमें 2119.8 किलो गांजा सिर्फ लॉकडाउन के दरम्यान पकड़ा गया. वहीं, जनवरी से अब तक में 53.9 किलो चरस, 7.9 किलो ओपियम और 825 ग्राम दूसरे मादक पदार्थ जब्त किये गए. इसमें कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया.



फाइल फोटो


कुमार मनीष के अनुसार नशीले पदार्थों की अधिकांश खेप नॉर्थ इंडिया से आती है. नशीले पदार्थों का कारोबार करने वाले तस्कर सबसे अधिक बिहार-झारखंड के रूट्स का इस्तेमाल करते हैं. बिहार में गांजा की खेप आने के साथ ही तस्कर यहां में रूट्स का इस्तेमाल करते हैं. बिहार-झारखंड के रास्ते ट्रकों में छिपाकर नशीले पदार्थों की खेप को दूसरे राज्यों में भी पहुंचाया जाता है. हालांकि सूचना मिलते ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम बीच में ही कार्रवाई कर देती है.