बड़ी खबर : बख्तियारपुर में कल ही कोर्ट से रिमांड होम लौट रही लड़की और महिला हवलदार को मारी गई थी गोली

लाइव सिटीज, पटना/अमित जायसवाल : सोमवार की शाम बख्तियारपुर बाप-बेटे को एक साथ गोली मारी गई थी. जिसमें पिता की मौत हो गई थी. जबकि बेटा घायल हो गया. लेकिन यह मामला यहीं नहीं थमा. इस वारदात के कुछ देर के बाद ही अपराधियों ने बाढ़ कोर्ट से पटना के गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम लौट रही सरकारी गाड़ी पर हमला किया. उस गाड़ी के अंदर नाबालिग लड़की और महिला हवलदार थी.

अपराधियों के निशाने पर नाबालिग लड़की थी. ताबड़तोड़ हुए गोलीबारी में लड़की को बांह पर गोली लगी है. वो गंभीर रूप से घायल है. साथ ही महिला हवलदार को भी गोली लगी है. घायल हालत में इन दोनों को इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया. इन दोनो का इलाज अभी चल रहा है. बाढ़ के एएसपी अमरीश राहुल ने इसकी पुष्टि कर दी है. एएसपी के अनुसार महिला हवलदार को गोली शरीर टच कर निकल गई है. यह पूरा मामला मंगलवार को सामने आया है.



पहली वारदात से ही जुड़ा है यह मामला

यह मामला भी पहली वारदात से जुड़ा हुआ है. पहली वारदात में सालिमपुर के अलीपुर के रहने वाले सत्येंद्र सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी. जबकि बेटा शिशुपाल गोली लगने से गंभरी रूप से घायल हो गया. ये लोग भी बाढ़ कोर्ट गए थे. वहां से वापस अपने घर लौट रहा थे. लेकिन बीच रास्ते में बख्तियारपुर-बिहारशरीफ रोड पर इन्हें गोली मारी गई. पहली वारदात के कुछ देर बाद ही अपराधियों ने बख्तियारपुर-पटना फोरलेन पर रिमांड होम लौट रही लड़की और महिला हवलदार पर गोली चलाई. सोमवार को नाबालिग लड़की की कोर्ट में पेशी थी. उसे आज रिमांड होम से रिहा किया जाना था.

मामला लड़की और घायल शिशुपाल के प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है. हमले के पीछे लड़की के परिवार वालों का हाथ सामने आया है. दोनो वारदतों को एक ही अपराधियों ने अंजाम दिया या फिर दोनों जगहों पर अलग-अलग अपराधी पहले से मौजूद थे? यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. लेकिन जिस तरह से दोनों वारदातों को अंजाम दिया गया, उससे पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी उठ रहे हैं. अपराधियों का दुस्साहस चरम पर है.