लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू है. इस कानून को लागू हुए लगभग चार साल होने वाले हैं. लेकिन अभी तक बिहार में शराबबंदी कानून का कुछ खास असर नहीं पड़ा है. शराब माफिया लगातार इस कानून को ताक पर रखकर खुलेआम शराब बेच रहे हैं. ताजा मामला सहरसा का है, जहां पुलिस ने उत्पाद निरीक्षक को गिरफ्तार किया है.

सहरसा में शराबबंदी कानून का जिम्मा लिए उत्पाद निरीक्षक को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उत्पाद निरीक्षक  पर शराब माफियाओं को अवैध धंधे में मदद करने का आरोप लगा है. निरीक्षक शराब माफियाओं को मदद करने के अलावा जांच में भी छेड़छाड़ करता था. उत्पाद निरीक्षक पर आरोप है कि जांच में छेड़छाड़ कर वो केस को कमजोर करता था और इसके बदले में शराब माफियाओं से पैसा लेते थे. फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार उत्पाद निरीक्षक से पूछताछ कर रही है.

उत्पाद निरीक्षक के खिलाफ मिली थी कई शिकायत

बताया जा रहा है कि उत्पाद निरीक्षक के खिलाफ कई शिकायत मिली थी. इसके बाद उत्पाद निरीक्षक के खिलाफ सहरसा नगर थाना में मामला दर्ज किया गया और आज यह गिरफ्तारी हुई है. इस बाबत एसपी ने बताया कि कुछ दिन पहले दो हजार लीटर शराब बरामद हुआ था. लेकिन केस में कुछ कमियां आ रही थी, जिसके बाद जांच हुई.

जांच में संदिग्ध पाया गया मामला

एसपी ने बताया कि जांच में पटना और दो जिला की टीम शामिल थी. जांच में मामला संदिग्ध लगा. इसके आधार पर सदर थाना में केस दर्ज किया गया. इसमें उत्पाद अधीक्षक, उत्पाद निरीक्षक और केस के जांच करने वाले अधिकारी पर मामला दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि इस मामले में उत्पादक निरीक्षक मो फैजाज और केस के अनुसंधान करने वाले वीरेंद्र पाठक को गिरफ्तार किया जा चुका है.

केस में थी चार-पांच आपत्तियां

एसपी ने बताया कि केस में चार-पांच आपत्तियां थी. देर से केस दर्ज कराना, गाड़ी का नंबर स्पष्ट नहीं लिखा जाना, गिरफ्तारी के बाद भी देर से जेल भेजना. इसके अलावे जिस परिसर से शराब मिला उसके स्वामित्व को लेकर भी आपत्ति थी. एसपी ने कहा कि एक और जो अधिकारी है उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा. जांच में वह भी दोषी पाए गए हैं.