पांडव गिरोह के सरगना संजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले में पूर्व विधायक चितरंजन सिंह ने दिया था कुख्यात माणिक का साथ

पटना/अमित जायसवाल : इसी साल 26 अप्रैल को पांडव सेना के सरगना संजय सिंह पर जानलेवा हमला हुआ था. इस वारदात को बाइक सवार अपराधियों ने धनरुआ थाना के तहत नदवां बाजार में अंजाम दिया था. अब इस मामले में पटना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. संजय सिंह पर जानलेवा हमला किसी और ने नहीं, बल्कि पटना वेस्ट एरिया कुख्यात अपराधी व नौबतपुर के रहने वाले माणिक सिंह उर्फ आदित्य कुमार ने करवाया था.

पुलिस सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार इस कांड में कुख्यात माणिक का साथ पूर्व विधायक चितरंजन सिंह और उसके भाई कुणाल ने दिया. सूत्रों के अनुसार धनरुआ थाना के तहत ही एक गांव में पूर्व विधायक चितरंजन सिंह और उसके भाई का ननिहाल है. कुख्यात माणिक से सांठगांठ होने के बाद संजय सिंह पर हुए हमले से ठीक एक दिन पहले तीन शूटर कुणाल के ननिहाल आ गए थे. वहीं कुणाल ने उन्हें ठहराया था. इसके बाद अगले दिन शाम को शूटर्स ने वारदात को अंजाम दिया था और फिर फरार हो गए थे.



इस तरह से सामने आया पूर्व विधायक का नाम:
कुख्यात माणिक को हजारीबाग से गिरफ्तार करने के बाद बिहार एसटीएफ ने उसे पटना पुलिस को सौंप दिया था. इसके बाद पटना पुलिस ने हर उस मामले में माणिक से पूछताछ की, जिसमें उसका सीधा कनेक्शन था. इसी दरम्यान उसने बताया कि संजय सिंह पर हमला करने के लिए उसने तीन शूटर्स को हायर किया था. वीरू किशोर, उज्जवल कुमार और गौरव कुमार शामिल थे. इन तीनों को झारखंड के कोइलरी में नौकरी लगाने और 50-50 हजार रुपए देने का वायदा किया गया था. पटना पुलिस की टीम शूटर वीरू को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी. अब माणिक के निशानदेही पर उज्जवल और गौरव को गिरफ्तार किया. पुलिस सूत्रों की मानें तो पूछताछ में इन दोनों शूटर्स ने ही पूर्व विधायक चितरंजन सिंह और उसके भाई कुणाल का नाम लिया है.

जांच में जुटी है पटना पुलिस:
अपराधियों से पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, उसने पटना पुलिस को भी आश्चर्य में डाल दिया है. संजय सिंह पर जानलेवा हमला कराने के पीछे की बड़ी वजह सामने आई है. कुछ साल पहले संजय सिंह और कुख्यात माणिक के पिता व फरार चल रहे अपराधी मनोज सिंह के बीच किसी बात को लेकर बड़ा विवाद हुआ था. जिसके बाद साल 2014 में मनोज सिंह को गोली मारी गई थी. इस कांड का आरोप संजय सिंह के ऊपर लगा था. साथ ही संजय और पूर्व विधायक चितरंजन सिंह के बीच भी किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था.

बदले की भावना से ही माणिक ने संजय पर हमला कराया. इसमें पूर्व विधायक का उसे साथ मिला. फिलहाल पटना पुलिस इस मामले पर खुलकर अभी कुछ नहीं कह रही है. लेकिन शूटर्स से मिले इनपुट पर जांच करने को बात जरूर कही जा रही है. हालांकि सोमवार को पटना के सिटी एसपी ईस्ट जितेंद्र कुमार ने मसौढ़ी में शूटर्स के पकड़े जाने का खुलासा जरूर किया है.