दरभंगा: कोहरे की चादर में लिपटा शहर फिर कांपा

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बढ़ी कनकनी

दरभंगा: मौसम में ठंडक लगातार बढ़ रही है. जिले के विभिन्न प्रखंडों ठंड से लोगों का बूरा हाल है, जहां कनकनी सितम बरपा कर रही है वहीं कोहरे के कहर से जिंदगी की रफ्तार मंद पड़ गई है. तापमान में गिरावट के साथ ही जारी ठंड का कहर रविवार को भी रहा. सुबह से ही आफत की स्थिति थी. जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा. हर ओर परेशानी रही. आज धूप तक नहीं निकली. शाम ढलते ही पूरे वातावरण में कुहासा छा गया. स्कूलों में छुट्टी दिए जाने के बाद बच्चों को राहत रही. वृद्धों के लिए और भी भीषण संकट का समय रहा. वे दिनभर घरों में ही कैद रहे. जगह-जगह अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश होती रही.

वहीं अंडे की बिक्री काफी बढ़ी रही. चाय व कॉफी की भी मांग खूब रही. अलाव के लिए जलावन की तलाश खूब होती रही. उधर, कृषि की दृष्टि से कई फसलों के लिए यह मौसम लाभप्रद है. कुछ फसलों के पैदावार के लिए ऐसा मौसम ही चाहिए. इतनी ठंड के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है.

हायाघाट संस के मुताबिक, ठंड के कारण परेशानी बरकरार रही. कुहासे व सर्द हवा के कारण जन-जीवन प्रभावित रहा. लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लेते रहे. मजदूरों, रिक्शा-ठेला चालकों के लिए संकट का समय रहा. बूढ़ों के लिए भी परेशानी का समय रहा. वैसे दोपहर में धूप निकलने पर लोगों को राहत मिली. बेनीपुर से संसू के मुताबिक ठंड से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है.

रविवार की सुबह से तेज पछिया हवा बहने तथा पूरे दिन में एकबार भी धूप नहीं निकलने के कारण ठंड ने अपना आक्रमक रुख अपना लिया है. गरीब तबके के लिए रजाई व कंबल के अभाव में अपनी झोपडी में कांप रहे हैं. इन्हें देखने वाला कोई नहीं है. गरीब लोग चादर व कंबल के अभाव में पुआल व भुसा जलाकर रात को ठंड से निजात पाने की कोशिश में लगे हैं. सबसे खराब हाल मजदूरो का है.

इस भीषण ठंड में मजदूरों को रोजगार भी नहीं मिल रहा हैं, जिसके कारण उनके समक्ष रोजी रोटी की समस्या उत्पन हो गई है. सरकारी स्तर पर चौक चौराहों पर अलाव जलाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. जिसके कारण खासकर रिक्शा एंव ठेला चालकों की जान आफत में हैं. इस संबध में एसडीओ अमित कुमार ने अंचलाधिकारी पंकज कुमार को सभी चौक चौराह़ों पर अलाव जलाने की व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया है.

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