वेंडिंग जोन का सपना आजतक नहीं हुआ पूरा, अतिक्रमण की चपेट में आ रहें अस्थायी दुकानदार

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प्रतीकात्मक

दरभंगाः शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहे अतिक्रमण की चपेट में हैं, लेकिन नगर सरकार की नजर यहां नहीं जा रही है. इससे आम-अवाम के साथ शहरवासी भी परेशान हैं. फुटपाथों के अतिक्रमण से सड़कों पर चलने को विवश हैं पैदल यात्री ऐसे तो शहर में अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है. इसके कारण ही इन जगहों पर हमेशा सड़क जाम की समस्या बनी रहती है.

कई जगहों पर तो पैदल यात्रियों के चलने के लिए भी जगह नहीं है. सड़क पर चल नहीं सकते, क्योंकि गाड़ियां दौड़ रही है. और रही फुटपाथ की बात, तो यहां पर दुकानदारों का कब्जा है. ऐसे में पैदल यात्रियों को मजबूरन सड़कों से गुजरना पड़ता है, नतीजा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.

शहरी फुटपाथ विक्रेता समिति का गठन हुए एक वर्ष से अधिक हो गया. लेकिन, आज तक इसका लाभ अस्थायी दुकानदारों को नहीं मिल पाया. 29 दिसंबर 2015 को निगम सभागार में समिति की पहली बैठक हुई थी.

नगर प्रबंधक, नगर अभियंता, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, सदर एसडीओ, अग्रणी बैंक प्रबंधक, अध्यक्ष चैंबर ऑफ कॉमर्स, श्रमिक संघ के प्रतिनिधि आरके दत्ता, सीएस कार्यालय स्थित संस्था निदान व नासवी, करमगंज स्थित संस्था वाटिका, स्टेशन रोड निवासी विश्वनाथ भगत, टावर चौक निवासी अर्जुन साह, डीएमसीएच रोड निवासी शिवनाथ पंजियार, पानो देवी व नीलम देवी, दोनार निवासी मो. अब्दुल्लाह, कादिराबाद निवासी शिवशंकर साह, बेंता चौक निवासी राजू साह व सोमनी देवी की मौजूदगी में हुई बैठक में वेंडर जोन निर्धारण करने का निर्णय लिया गया था.

फुटपाथी दुकानदारों को दुकान लगाने के लिए नौ स्थलों को चिन्हित किया गया. इसके अलावा तीन अन्य जगहों पर भी फुटपाथी दुकानदारों को दुकान लगाने पर विचार किया गया था. इसमें लहेरियासराय के सैदनगर काली मंदिर से पेट्रोल पंप तक, लहेरियासराय चट्टी चौक के पूरब, बलभद्रपुर पुलिस शिविर के पास, बैंता चौक से कर्पुरी चौक तक, टाउन हॉल के पीछे, हसन चौक स्थित पार्किंग स्थल में, हराही पोखर के पश्चिम आकशवाणी तक, स्टेशन रोड स्थित शास्त्री चौक के उत्तर व दोनार गुमटी के पूरब में अस्थायी फुटपाथी दुकानदारों को दुकान लगाने के लिए जगह देने की बात कही गई थी.

साथ ही चुनाभट्टी चौक, राज अस्पताल व कादिराबाद स्थित होमगार्ड परिसर में भी दुकान लगाने के लिए संबंधित पदाधिकारी से समनव्य स्थापित करने पर बल दिया गया था. एक फुटपाथी दुकानदार को सात वाई पांच फीट जगह उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी. लेकिन, सारी बात कागजों तक ही रह गई.

चिन्हित स्थल को अमीन के माध्यम से नापी कराने व नजरी नक्सा बनाने के बाद आज तक कोई कार्य नहीं किया गया. निबंधित फुटपाथी दुकानदारों को मार्च माह तक सुविधा प्रदान कराने की बात आज तक पूरी नहीं की गई. यही कारण है कि शहर के चारो ओर फुटपाथी दुकानदारों का जमावड़ा सड़कों पर ही लगा रहता है. इससे जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है.

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