जीएसटी से सस्ती हुई सिगरेट, केन्द्र के राजस्व में 20 फीसदी उछाल…!

लाइव सिटीज डेस्क: आमतौर पर लोगों में धारणा थी कि जीएसटी आने के बाद सिगरेट और तम्बाकू उत्पादों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आएगा. लेकिन आशंकाओं से उलट तम्बाकू उत्पादों की कीमतों में 7-9 फीसदी की गिरावट आ गई है. यह गिरावट केन्द्र सरकार द्वारा सिगरेट और तम्बाकू उत्पादों पर एक जुलाई से जीएसटी कानून लागू करने के बाद आई है.

जानकार बताते हैं कि कि नई अधिसूचना के बाद मूल उत्पाद कर और अतिरिक्त उत्पाद कर के नियम सिगरेट पर लागू नहीं होंगे. इसी वजह से विभिन्न आकार की सिगरेटों पर लगने वाले टैक्स में 7—9 फीसदी की गिरावट आ गई है. ​कीमतें गिरने के कारण सिगरेट की मांग में तेजी देखी जा रही है. जबकि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन का साफतौर पर उल्लंघन भी है. एक जुलाई को जारी अधिसूचना के मुताबिक सिगरेट को मूल उत्पाद कर और अतिरिक्त उत्पाद कर से छूट देने का फैसला जीएसटी के तहत किया गया है.

हालांकि सिगरेट अभी भी 28 फीसदी जीएसटी कर के दायरे में है. जबकि 5 फीसदी अतिरिक्त कर भी सिगरेट की कीमत पर लगाया जाता है. इसका मतलब यह है कि अगर खुदरा कीमतों में बदलाव नहीं किया जाता है तो हर सिगरेट पर लगने वाले टैक्स में लगभग 7—9 फीसदी की गिरावट होगी. जीएसटी के नियम सिगरेट और बीड़ी इस्तेमाल करने वालों के प्रति नरम हैं. एक आंकड़े के मुताबिक देश में तम्बाकू सेवन करने वालों में से 11 फीसदी लोग सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं. जबकि 89 फीसदी लोग बीड़ी या फिर चबाने वाली तम्बाकू का इस्तेमाल करते हैं. सरकारी खजाने में लगभग 80 फीसदी राजस्व सरकार को सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों की बिक्री से मिलता है.

सूत्र बताते हैं कि सिगरेट और तम्बाकू उत्पादों पर जीएसटी लगने से गिरावट आने का सिलसिला नया नहीं है. बल्कि, पिछले तीन वित्तीय वर्षों से लगातार इसकी कीमतों में गिरावट आ रही थी. बताते चलें कि 2015—16 की शुरूआत में टैक्स की दर में करीब 13 फीसदी की गिरावट की गई थी. जबकि 2016—17 में भी करीब 10 फीसदी की गिरावट आई थी. जबकि 2017—18 में भी करीब 6 फीसदी की कमी की गई है.

लेकिन इस गिरावट के कारण सिगरेट बिक्री से आने वाले राजस्व में सालाना करीब 20 फीसदी का उछाल आया है.जीएसटी