लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्‍क : चीन कोरोना वायरस की महामारी से परेशान है. संकट ये है कि अब तक ठीक से न कारणों का पता चला है और न रोकथाम के उपाय का. इलाज में लगे डाक्‍टरों की मौत आफत को और भयावह बना रही है. इमरजेंसी जैसी स्थिति है चीन में. दुनिया भर में सतर्कता है . भारत भी डरा हुआ है. और, इस भयावह परिस्थिति में सबसे अधिक खौफ चाइनीज प्रोडक्‍ट को लेकर है. अमेरिका जैसा देश किसी चाइनीज प्रोडक्‍ट को सीधे अपने देश में सीधे नहीं आने दे रहा है. पहले कहीं और इसे जांचा – परखा जा रहा है, फिर देश में आने की अनुमति दी जा रही है. लेकिन, इतनी सतर्कता का अभाव अभी भारत में है .

कोरोना का डर ऐसा है कि मोबाइल इंडस्‍ट्री भी भारी चपेट में है. कारण स्‍पष्‍ट नहीं हैं, इसलिए रेडिएशन और पैंकेजिंग को लेकर भी बड़ा भय है. पटना से लेकर दिल्‍ली तक मोबाइल इंडस्‍ट्री के जानकार बता रहे हैं कि खौफ के कारण Oppo, Vivo, Mi  जैसे लीडिंग मोबाइल ब्रांड की बिक्री धड़ाम से गिर गई है. ये तीनों मोबाइल ब्रांड्स चीन से ही आते हैं. मार्केट में यह हल्‍ला हो गया है कि तीनों की प्रोडक्‍शन यूनिट चीन के उस इलाके में है, जहां सबसे अधिक कोरोना का प्रभाव है. अभी चीन में कोरोना के डर के कारण ही वर्ल्‍ड मोबाइल कांफ्रेंस को रोका गया. कारण ये बताया गया कि Oppo, Vivo, Mi  जैसे ब्रांड्स क्राइसिस से परेशान हैं और हिस्‍सा लेने की स्थिति में नहीं हैं.

दिल्‍ली का गफ्फार खान मार्केट और नेहरु पैलेस मोबाइल कंपोनेंट्स का बड़ा बाजार है. जानकार कह रहे हैं कि Oppo, Vivo, Mi  ब्रांड के मोबाइल के साथ परेशानी यह भी आ रही है कि किसी भी तरीके की खराबी आने पर अभी इसे ठीक करना संभव नहीं हो रहा है. कारण कि चीन से इन ब्रांड्स के कंपोनेंट्स की सप्‍लाई अभी नहीं आ रही. अब सप्‍लाई ही नहीं आएगी, तो फिर खराब मोबाइल की सर्विस कैसे होगी. एपल अपने ब्रांड वैल्‍यू को बचाने को सप्‍लाई का चीन से अलग रुट तय कर रहा है.

मोबाइल मार्केट में मची इस खलबली के बीच सैमसंग ने अपनी उपस्थिति और मजबूत कर ली है. सैमसंग मूल रुप से कोरियन ब्रांड है . रीटेल मार्केट में वे परेशान हैं, जिनके पास Oppo, Vivo, Mi  का स्‍टॉक ठीक – ठाक बचा है.