नीति आयोग ने कहा- जरुरत पड़ी तो फिर करेंगे नोटबंदी, समाज की सफाई के लिए जरुरी है

लाइव सिटीज डेस्क: नोटबंदी फेल हो गई है. भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कह दिया कि 99 प्रतिशत पांच सौ और हज़ार के नोट वापस आ गए हैं. नोटबंदी के समय 15 लाख 44 हज़ार करोड़ के पांच सौ और हज़ार के नोट चलन में थे। 15 लाख 28 हज़ार करोड़ रुपया वापस आ गया है. नोटबंदी को भले ही लगभग 2 साल होने जा रहे हैं लेकिन ये बहस अभी भी कायम है कि इससे हासिल क्या हुआ. विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है. साथ ही सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाया जा रहा है. अब सरकार की तरफ से नोटबंदी के बचाव में सामने आए हैं नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार.

नोटबंदी समाज की सफ़ाई के लिए

राजीव कुमार ने नोटबंदी के चलते अर्थव्यवस्था में मंदी के आरोपों को खारिज कर दिया है. राजीव कुमार ने दावा किया कि जीडीपी या आर्थिक वृद्धि में गिरावट इसलिए हो रही थी क्योंकि बैंकिंग क्षेत्र में NPA बढ़ रहे थे. एक चैनल से बात करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि नोटबंदी समाज की सफ़ाई के लिए थी और अगर ज़रूरत पड़ी तो वो फिर नोटबंदी लाएंगे. पिछली सरकार के दौरान जब NPA यानी नॉन परफॉर्मिंग एसेट बढ़ रही थी तब रघुराम राजन ने नीतियों में बदलाव कर दिया जिसकी वजह से बैंकिंग सेक्टर ने इंडस्ट्रीज़ को लोन देना बंद कर दिया.

कौन है इसका जिम्मेदार

नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नोटबंदी के नुकसान के दावों पर भी सवाल उठाए. राजीव कुमार ने कहा है कि चिंता की बात यह है कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और पी.चिदंबरम जैसे लोग ऐसी बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा, “आर्थिक वृद्धि में गिरावट इसलिए हो रही थी, क्योंकि बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित आस्तियां (NPA) बढ़ रही थीं. ऐसा इसलिए हो रहा था, क्योंकि रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के कार्यकाल में NPA की पहचान के लिए नए मैकेनिज़्म लाए गए थे, और वे बढ़ते चले गए, जिसके चलते बैंकिंग सेक्टर ने उद्योगों को ऋण देना बंद कर दिया.’

आरबीआई की ओर से नोटबंदी के आंकड़े जारी

गौरतलब है कि आरबीआई की ओर से नोटबंदी को लेकर आंकड़े जारी किये गये हैं जिसमें कहा गया है कि 99.3 नोट वापस आ गये थे. आरबीआई की एनुअल रिपोर्ट में इन नोटों का पूरा लेखा-जोखा दिया है. RBI एनुअल रिपोर्ट में बताया गया है, ”स्पेसिफाइड बैंक नोट्स (SBNs) की प्रोसेसिंग का काम आरबीआई के सभी केंद्रो में पूरा हो चुका है. सर्कुलेशन से कुल 15,310.73 अरब रुपये की वैल्यू वाले पुराने नोट वापस आए हैं.” भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि 8 नवंबर, 2016 को 15,417.93 अरब रुपये की वैल्यू के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट सर्कुलेशन में थे. इसके बाद इनमें से जितने नोट वापस आए हैं, उनकी कुल वैल्यू 15,310.73 अरब रुपये है.

यह भी पढ़ें – नोटबंदी के बाद नए नोटों की ढुलाई पर खर्च हुए थे 29 करोड़, वायुसेना ने सरकार को भेजा बिल

‘नोटबंदी भी पीएम मोदी का जुमला साबित, स्विस ​बैंक में जमा कालाधन में 50 परसेंट का इजाफा’

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*