वित्त मंत्री का एलान, प्रवासी मजदूरों के लिए तीन फैसले लिए गए, रेहड़ी पटरी वालों को राहत

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पूरे विश्व समेत भारत भी इस समय कोरोना की चपेट में हैं. कोरोना के कारण देश भर में लॉकडाउन भी जारी है. ऐसे में देश को पांचवीं बार संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की थी. इस पैकेज की जानकारी लगातार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दे रही हैं. कल भी उन्होंने इसको लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था

आज भी स्पेशल पैकेज को लेकर निर्मला सीतारमण प्रेस को संबोधित कर रही हैं. इस दौरान उन्होंने देश को जानकारी देते हुए कहा कि प्रवासी मजदूरों के लिए तीन बड़े फैसले लिए गए हैं. इसके अलावा रेहड़ी पटरी वालों को भी राहत दी गई है.



किसानों के लिए 86 हजार 600 करोड़ लोन की मंजूरी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज की कॉन्फ्रेंस प्रवासी श्रमिकों, सड़क के किनारे स्टॉल या रेहड़ी लगाने वालों, छोटे व्यापारियों, स्व रोजगार वालों और छोटे किसानों पर केंद्रित है. किसानों के लिए 86 हजार 600 करोड़ लोन की मंजूरी दी जा रही है. 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा रहे हैं. इसके अलावा किसानों के लिए इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम को बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया गया है. केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि यह सरकार गरीब से गरीब लोगों के लिए समर्पित है.

6 साल में गरीबों के लिए काफी काम हुआ

आगे बोलते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले 6 साल में गरीबों के लिए काफी काम हुआ है. पिछले दो महीनों में हमने गांवों और कृषि सेक्टर के लिए कई कदम उठाए हैं. कोरोना काल के दौरान कृषि सेक्टर को 63 लाख करोड़ का लोन दिया गया है. 6700 करोड़ के कृषि उत्पाद खरीदने के लिए व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि इस साल मार्च और अप्रैल महीने में 63 लाख करोड़ रुपये के ऋण कृषि के लिए मंजूर किए गए. गांवों में सहकारी बैंकों और ग्रामीण बैंकों के लिए 29500 करोड़ के रिफाइनेंस का प्रावधान किया है.

मनरेगा के तहत औसत मजदूरी 202 रुपया

शहरी गरीबों के लिए राज्यों को बड़ी रकम दी गई है. अब राज्यों को तय करना है कि वे कैसे इसे खर्च कर रहे हैं. मनरेगा के तहत औसत मजदूरी को 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये किया गया. लौट रहे प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम दिया जा रहा है. इस पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि मजदूरों की दिहाड़ी में असमानता को दूर करने की कोशिश की जा रही है.

वित्त मंत्री ने कहा कि श्रम कानून में सुधार किया जा रहा है. इसके अलावा कई और फैसलों की घोषणा भी निर्मला सीतारमण ने की है. सभी मजदूरों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा और साल में एक बार उनका स्वास्थ्य चेकअप भी होगा. महिलाओं के रात के समय काम करने की स्थिति में अलग सेफगार्ड लाए जाएंगे.